रोहतक (एजेंसी)। रोहतक जिले में कांग्रेस की सक्रिय कार्यकारी नेता हिमानी नरवाल की हत्या ने पूरे हरियाणा राज्य में सनसनी मचा दी है। शुक्रवार को हिमानी का शव रोहतक के सांपला बस स्टैंड में एक सूटकेस पाया गया था। राज्य में चल रहे निकाय चुनाव के बीच कार्यकर्ता की हत्या ने एक नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस पार्टी अपनी कार्यकर्ता की हत्या को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रही है। जांच अधिकारी नरेश कुमार के मुताबिक हत्या की हर एंगल से जांच की जा रही है। इसके लिए 5 टीमें गठित की गई हैं।


अंतिम संस्कार करने से मना

इधर हिमानी की माॅं ने बिना न्याय मिले हिमानी का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। नेत्री की माॅं का कहना है कि चुनाव पार्टी ने मेरी बेटी की जान ले ली। इसी की वजह से उसने दुश्मनी ले ली। उसके हत्यारे पार्टी से भी हो सकते हैं। 28 फरवरी को वह घर पर थी। हमें पुलिस स्टेशन से घटना के बारे में फोन आया। मेरी बेटी आशा हुड्डा (भूपिंदर सिंह हुड्डा की पत्नी) के बहुत करीब थी। जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता, मैं उसका अंतिम संस्कार नहीं करूंगी| हम थोड़े डर में रहते थे।

नहीं करना चाहती थी पार्टी के लिए काम
उन्होंने आगे कहा कि मेरे बड़े बेटे की 2011 में हत्या कर दी गई और हमें कभी न्याय नहीं मिला। इसलिए, मैं दूसरे बेटे की जान बचाने के लिए उसे कैंप ले गई। चुनाव के बाद, वह पार्टी से थोड़ा निराश हो गई थी। उसने कहा कि उसे नौकरी चाहिए और वह पार्टी के लिए ज्यादा काम नहीं करना चाहती। वह पिछले 10 सालों से कांग्रेस से जुड़ी हुई थी। वह शादी करने के लिए भी राजी हो गई थी। मैंने सुबह आशा हुड्डा को फोन किया था, लेकिन मेरा फोन रिसीव नहीं हुआ। जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता, मैं उसका अंतिम संस्कार नहीं करूंगी। मेरे बड़े बेटे की भी 2011 में हत्या हुई थी और हमें कभी भी न्याय नहीं मिला।
सोनीपथ के कथूरा गाॅंव की हिमानी युवा कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष रह चुकी थी। कांग्रेस के सभी कार्यक्रमों में साहस पूर्ण तरीके से भाग लेने वाली नेत्री ने एलएलबी की पढ़ाई की थी और रोहतक में किराए के घर में रहती थी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ वह कांग्रेस द्वारा कराए जाने वाले हरियाणवी लोक कार्यक्रमों में भी भाग लेती थी।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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