kolkata | पश्चिम बंगाल में आईपैक के दफ्तर में छापे के बाद कोर्ट में शुक्रवार को इसकी सुनावई होनी थी। ममता बनर्जी की सरकार और लोगों की भीड़ ने लेकिन ऐसा नहीं होने दिया। भीड़ और उग्र प्रदर्शन की वजह से जज को सुनवाई अगले 14 जनवरी तक टालनी पड़ी। जज जब सुनवाई के लिए पहुंची तो कोर्ट रूम लबालब भीड़ और वकीलों से भरा पड़ा था। वकील भी आपस में भीड़ गए। इधर ममता बनर्जी और उसके समर्थकों ने जशपुर विश्वविद्यालय से लेकर हजारा मोड़ तक ईडी की छापेमारी के विरोध में प्रदर्शन किया।
मामला यह है कि पश्चिम बंगाल के कोयला तस्करी नेटवर्क ने आई पैक कंपनी को हवाला के जरिए 20 करोड़ रुपए दिए थे। जो आईपैके के गोवा के चुनावी कार्यक्रमों के लिए थे। आईपैक एक चुनवी परामर्श दात्री कंपनी हैं जो वर्तमान बंगाल सरकार के लिए भी काम करती है। ईडी ने मामले की जांच करने के लिए आईपैक और प्रतीक जैन के घर में छापेमारी की थी। इसी दौरान ममता बनर्जी वहां पहुंच गई और कुछ फाइलें लेकर चली गई। इसके बाद से मामले ने तुल पकड़ लिया। अब ईडी ने सीबीआई जांच की मांग की है।
#bengal #mamta #ed #fir #election #sir #बंगाल #ममता #ईडी #एफआइआर #चुनाव #रेड

