अंबिकापुर। अंबिकापुर की नवनिर्वाचित मेयर मंजूषा भगत के एक बयान ने पूरे शहर में घमासान पैदा कर दिया है। उनके बयान से बिफरे कांग्रेसी नेता उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं में ऐसा गुस्सा है कि उन्होंने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और इसके विरोध में शहर के घड़ी चैक से कोतवाली तक रैली निकाली। कोतवाली पहुंचकर जिला कांग्रेस नेताओं ने मंजूषा भगत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मंजूषा भगत का बयान धार्मिक भेदभाव की भावना से परिपूर्ण है। यह अनुच्छेद 17 के विरू़द्ध होने के साथ एक जनप्रतिनिधि के आचरण के विरूद्ध भी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंजूषा भगत सार्वजनिक रूप से अपने बयान को लेकर माफी मांगे अन्यथा रविवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह का कांग्रेस बहिष्कार करेगी।
मंजूषा भगत ने कहा था कि पदभार ग्रहण करने से पूर्व वह नगर निगम कार्यालय और पूरे शहर को गंगाजल से शुद्ध करवाएंगी। पिछले दस सालों में यहां कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। पूरा शहर नगर निगम अशुद्ध हो गया है। इसलिए शुद्धिकरण कराना होगा।
निर्वाचित महापौर मंजूषा भगत ने शनिवार को मीडिया में बयान के माध्यम से सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य किसी भी जाति व धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं है।
हर जाति-धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पूर्व पूजा-अर्चना की जाती है। मुझे जनता ने जीताकर भेजा है। 2 मार्च को शपथ ग्रहण के बाद पद्भार ग्रहण करूंगी। मैं चाहती हूं कि अपने चेंबर में बैठने से पूर्व विधिवत पूजा अर्चना करूं।
