News desk| गणेश विर्सजन की पूजा के साथ प्रसाद में आपको 14 गांठों वाला एक धागा मिलता होगा। जिसे ज्यादातर लोग अपने हाथ में बांधते हैं या गले में पहनते हैं। इसे ही अनंत सूत्र कहा जाता है। क्या आपको भी यह अनंत सूत्र मिला है और आपने इसे बांधा हुआ है, तो आइए जाने इसका महत्व क्या है ?।
अनंत सूत्र का महत्व अनंत चतुदर्शी की कथा से जुड़ा हुआ है। यह सूत्र जीवन में सुख-समृद्धि और सुख-शांति के लिए बांधा जाता है। अनंत चतुदर्शी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की होती है। इसी के बाद भगवान गणेश और विष्णु के आशीष के लिए यह 14 गांठों वाला धागे (अनंत सूत्र) को दाहिने हाथ में पुरुष और बाएं हाथ में महिलाएं धारण करती हैं। इस धागे को अनंत काल तक सुख, समृद्धि और उन्नति, दान का प्रतीक माना गया है।
शास्त्रों में कहा गया है कि अनंत सूत्र बांधने से संकट दूर होते हैं। गृह क्लेश मिटते हैं, दरिद्रता समाप्त होती है और किस्मत के द्वार खुल जाते हैं।जीवन में किसी भी प्रकार का भय या फिर बाधा आने का डर नहीं रह जाता है. भगवान विष्णु अपने साधक की हर प्रकार से रक्षा करते हैं|

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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