इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता चर्चा का विषय बन गई है। इस प्रतियोगिता में खुद भाजपा पार्टी से इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र ने ही भरे मंच में बीजेपी सरकार की बखिया उखेड़ दी और वह भी मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने।
मौका था विश्वविद्यालय में ट्रेन हादसे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर आयोजित वाद विवाद का। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव व कई बीजेपी नेता अतिथि थे। इस दौरान मेयर पुत्र संघमित्र वाद विवाद में विषय के विपक्ष में, अपना पक्ष रख रहे थे। जब संघमित्र ने रेल हादसे को लेकर सरकार को घेरना शुरू किया तो सरकार के सभी नेता, खुद मुख्यमंत्री चुप्पी साधे दिखाई दिए। वही मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे का भाषण सुन पसीने छूटते दिखाई दिए। संघमित्र का यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
संघमित्र ने कहा कि सरकार कहती है ‘सबका साथ सबका विकास’, लेकिन हकीकत यह है कि रेलवे में हो रहा है, ‘दलालों का साथ और जनता का विनाश।’ वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेने के बावजूद सफर नहीं कर पाते। 2022 तक अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का वादा किया गया था, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन तो नहीं, वादाखिलाफी की रफ्तार जरूर दौड़ रही है। करोड़ों रुपए खर्च हो गए, जमीन अधिग्रहण में घोटाले हो गए, लेकिन ट्रेन अब तक सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक ही सिमटी है।
संघमित्र ने आगे कहा, ‘कहा गया था कि कवच तकनीक से रेल हादसे खत्म हो जाएंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग ट्रेन हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। जब रेल के डिब्बे टूटते हैं या ट्रेन पटरी से उतरती है, तब सिर्फ लोहे के डिब्बे नहीं टूटते, किसी मां की गोद उजड़ जाती है। 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनाने की बात हुई थी, लेकिन अब तक बने सिर्फ 20। वहां भी चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही की वही है। सवा लाख करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन 80 प्रतिशत परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं। 78 प्रतिशत फंड जो सुरक्षा के लिए था, उसे डायवर्ट कर दिया गया। एक रिपोर्ट बताती है कि 300 करोड़ रुपए का निवेश सिर्फ एक कंपनी को दे दिया गया।ऐसे में सबका विकास कैसे होगा।
अपने भाषण के दौरान पुष्यमित्र ने अटल बिहारी वाजपेयी और उनकी कविता को अपना आदर्श भी बताया और कविता प्रस्ततु करते हुए उन्होंनेे कहा कि आने वाले दिनों में वह आशा रखते हैं कि उनका मंत्रालय सर्वश्रेष्ठ बने।


