भोपाल। एमपी में नए आरक्षकों को रामायण पढ़नें की सलाह दी गई है। जिस तरह राम भगवान 14 साल वनवास में रहे क्या पुलिस ट्रेनी 9 महीने अपने गृहग्राम से दूर नहीं रह सकते हैं। यह कहना ADG राजा बाबू सिंह का, क्योंकि नए आरक्षकों द्वारा ट्रेनिंग के लिए अपने गृह ग्राम के पास के स्कूलों के लिए आवेदन किया जा रहा है। इधर नए आरक्षकों को रामायण पाठ करने की बात को लेकर सियासी घमासान शुरु हो गया है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई है।

4 हजार ट्रेनियों में से 600 ट्रेनी ने अपने गृह जिलों में ट्रेनिंग लेेने का आवेदन दिया है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि पुलिस बल कार्पोरेट जाॅब नहीं, जनता की सेवा है अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के साथ विपरीत परिस्थतियों में काम करना होता है।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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