एक्स पोस्ट । जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक इन दिनों अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत काफी गंभीर है। पूर्व गर्वनर के खिलाफ कीरू हाइड्रो प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार में लिप्त होने की कार्रवाई चल रही है। ऐसे में उनका एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार की कार्यवाही के के बारे में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि राज्यपाल बनने के दौरान उन्हे 150 करोड़ के रिश्वत की पेशकश की गई। उन्होंने कभी ऐसे प्रलोभनों पर ध्यान ने देकर ईमानदारी से अपने कर्तव्यों को निर्वहन किया। उन्होंने कई बड़े खुलासे करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है जो काफी वायरल हो रहा है।
सत्यपाल मलिक ने लिखा है, ‘मैं पिछले लगभग एक महीने से अस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था, लेकिन आज फिर से मुझे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है।
मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं- जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई, परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चैधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें।
’जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बगैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया।
फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा। पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।
सरकार मुझे सीबीआई का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री जी को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ।
मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।
सरकार ने मुझे बदनाम करने में पूरी ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या?
हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता।’
