नई दिल्ली। केंद्र सरकार के आतंकवाद के खिलाफ भारत के संदेश प्रवाह में शशि थरूर का नाम शामिल होने पर कांग्रेस में खलबली मच गई है। इस लिस्ट में थरूर का नाम शामिल होना कांग्रेस के कई नेताओं को रास नहीं आ रहा है। सरकार आतंकवाद एक डेलिगेशन देकर पूरे विश्व को आतंकवाद के प्रति जीरो टाॅलरेंस और सख्त नीति से अवगत कराएगी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि सरकार ने इस डेलिगेशन के लिए कांग्रेस नेताओं की लिस्ट मांगी थी। कांग्रेस के द्वारा जिन 4 सांसदों के नाम दिए गए थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार के नाम शामिल थे। लेकिन सरकार ने कांग्रेस के ऐसे नेता को इस डेलिगेशन में शामिल कर लिया जिसका नाम कांग्रेस पार्टी से सुझाया ही नहीं गया था।
जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस ने संसदीय कार्य मंत्री को जो सूची सौंपी उसमें तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर का नाम शामिल नहीं था। हालांकि मंत्री किरण रिजिजू ने थरूर का नाम उन 7 सांसदों की सूची में शामिल किया है जो विश्व मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और वे विश्व नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे।
रिजिजू ने कहा कि ऐसे क्षणों में जो सबसे अधिक मायने रखते हैं, वो एकजुटता है। सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे|
