वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: भारत के ‘फलों के राजा’ का जादू अब सात समंदर पार अमेरिका के सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिकी बाजारों में भारतीय आमों, विशेष रूप से अल्फांसो (हापुस) और केसर की मांग इस कदर बढ़ गई है कि सुपरमार्केट्स में स्टॉक आने के महज 15 से 20 मिनट के भीतर ही सारी पेटियां बिक रही हैं।
प्रीमियम डिमांड और बढ़ता क्रेज
भारतीय आम अपनी खास मिठास और खुशबू के कारण अमेरिका में एक ‘लग्जरी फल’ बन चुका है। न केवल भारतीय मूल के लोग, बल्कि अमेरिकी नागरिक भी मेक्सिकन और लैटिन अमेरिकी आमों को छोड़कर भारतीय किस्मों को तरजीह दे रहे हैं। कई शहरों में तो आमों की खेप आने का इंतजार लोग हफ़्तों पहले से करने लगते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई दीवानगी
सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें देखा जा सकता है कि बड़े वेयरहाउस स्टोर्स में जैसे ही आम की पेटियां रखी जाती हैं, ग्राहकों की भारी भीड़ उन्हें खरीदने के लिए टूट पड़ती है। मांग इतनी ज्यादा है कि कई दुकानदार प्रति ग्राहक सीमित मात्रा में ही आम बेच रहे हैं।
निर्यात में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि
भारत से अमेरिका को होने वाले आमों के निर्यात में इस साल जबरदस्त उछाल आया है। उच्च हवाई भाड़ा और कड़े टेस्ट नियमों के बावजूद लोग इसकी ऊंची कीमतें चुकाने को तैयार हैं। भारत के जीआई-टैग वाले अल्फांसो और केसर आमों ने अमेरिकी बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना ली है।
मैंगो पार्टियों का चलन
अमेरिका के प्रमुख शहरों में अब ‘मैंगो पार्टियों’ का चलन भी बढ़ा है, जहाँ लोग एक साथ मिलकर आम की विभिन्न किस्मों का स्वाद लेते हैं। यह न केवल स्वाद का मामला है, बल्कि वहाँ रह रहे भारतीयों के लिए अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक इमोशनल जरिया भी बन गया है।
