नई दिल्ली।
रक्षा के क्षेत्र में भारत ने अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि पिछले साल के मुकाबले इसमें 62% से ज्यादा का उछाल देखा गया है।
न्यूज़ के मुख्य बिंदु:
- खरीदार से बने विक्रेता: कभी हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज दुनिया के 100 से अधिक देशों को सैन्य साजो-सामान बेच रहा है।
- इन हथियारों की है भारी मांग: वैश्विक बाजारों में भारत की ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और पिनाका रॉकेट की सबसे ज्यादा मांग है।
- प्रमुख खरीदार: आर्मेनिया, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देश भारतीय हथियारों पर सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
- निजी क्षेत्र का दम: इस रिकॉर्ड तोड़ कमाई में सरकारी कंपनियों के साथ-साथ निजी कंपनियों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दिया है।
यह रिकॉर्ड न केवल भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति का प्रतीक है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की बड़ी सफलता को भी दर्शाता है।
