रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड):
कहते हैं अगर मन में कुछ कर गुजरने की ठान ली जाए और साथ में ईश्वर की शक्ति हो, तो बड़ी से बड़ी बाधा भी छोटी पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है एक 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने, जिनकी केदारनाथ यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहे हैं।
मुख्य बातें:
- अटूट विश्वास: जहां जवान लोग केदारनाथ की 16-18 किलोमीटर की चढ़ाई में हांफने लगते हैं, वहीं इस दादी ने अपनी लाठी के सहारे और भगवान शिव के नाम की गूँज के साथ इस कठिन यात्रा को पूरा किया।
- युवाओं के लिए प्रेरणा: दादी का यह जज्बा देख रास्ते में चलने वाले अन्य तीर्थयात्री भी हैरान रह गए। कई युवाओं ने उनके साथ फोटो खिंचवाई और उनके आशीर्वाद लिए। लोगों का कहना है कि यह केवल शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि आस्था की शक्ति है।
- दुर्गम रास्ता: खराब मौसम और कम ऑक्सीजन के बावजूद, दादी ने बिना किसी पालकी या खच्चर की मदद लिए पैदल ही बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई।
दादी का संदेश:
जब उनसे उनकी इस ऊर्जा का राज पूछा गया, तो उन्होंने बस मुस्कुराते हुए कहा, “जब बाबा बुलाते हैं, तो शरीर का दर्द गायब हो जाता है। सब उनकी कृपा है।”
यह घटना उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो उम्र या मुश्किलों के आगे जल्दी हार मान लेते हैं। केदारनाथ धाम फिलहाल श्रद्धालुओं से भरा हुआ है और ऐसी कहानियाँ यात्रा के उत्साह को दोगुना कर देती हैं।
