ऋषिकेश/देहरादून:
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। कपाट खुलने के मात्र दो हफ्तों के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रशासन और पुलिस की कड़ी मुस्तैदी के बावजूद धामों में भक्तों का तांता लगा हुआ है।
प्रमुख अपडेट्स (Content Highlights):
- आंकड़ों की बाजीगरी: अब तक कुल 5,46,451 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। इसमें अकेले केदारनाथ धाम में 2.61 लाख से अधिक लोग पहुँचे हैं, जो कुल संख्या का लगभग 50% है।
- बद्रीनाथ और अन्य धाम: बद्रीनाथ में 1.24 लाख, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री में करीब 80-80 हजार भक्तों ने हाजिरी लगाई है।
- रजिस्ट्रेशन का दबाव: यात्रा के लिए अब तक 26.87 लाख से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना रजिस्ट्रेशन के किसी को भी ऋषिकेश से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- स्वास्थ्य संबंधी चिंता: ऊँचाई और ठंड के कारण अब तक 19 तीर्थयात्रियों की मृत्यु की दुखद खबर भी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बीमार लोगों को बार-बार आराम करने और पानी पीते रहने की सलाह दी है।
- ट्रैफिक और मौसम: ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे और सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भारी जाम की स्थिति है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ऊँचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष निर्देश:
- QR कोड अनिवार्य: अपने पास की हार्ड कॉपी या डिजिटल कॉपी हमेशा साथ रखें।
- गर्म कपड़े: केदारनाथ और बद्रीनाथ में तापमान काफी गिर गया है, भारी जैकेट साथ रखें।
- ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: भीड़ को देखते हुए फिलहाल ‘ऑन-स्पॉट’ रजिस्ट्रेशन में काफी समय लग रहा है, इसलिए ऑनलाइन कराकर ही आएं।
