News Desk| नवरात्रि के दौरान 9 रंगों की चूड़ियाँ पहनना केवल फैशन नहीं, बल्कि देवी के प्रति श्रद्धा और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। यहाँ एक विशेष न्यूज़ रिपोर्ट है जो इसके महत्व को समझाती है|
नारी शक्ति माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को प्रसन्न करने के लिए हर दिन एक विशेष रंग के वस्त्र और चूड़ियाँ भी पहनते हैं।
चूड़ियों और रंगों का धार्मिक महत्व
हिंदू संस्कृति में चूड़ियों को सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान अलग-अलग रंगों की चूड़ियाँ पहनना देवी के विभिन्न गुणों—जैसे शक्ति, शांति, और ज्ञान—को अपने जीवन में उतारने का एक तरीका है। मान्यताओं के अनुसार, इन रंगों का पालन करने से जीवन में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा आती है।

9 दिनों के रंग और उनके प्रतीक (सामान्य क्रम):
- सफेद: शांति और पवित्रता का प्रतीक (मां शैलपुत्री/ब्रह्मचारिणी)।
- लाल: प्रेम और साहस ।
- रॉयल ब्लू: दिव्य ऊर्जा और गंभीरता।
- पीला: खुशी और नई शुरुआत ।
- हरा: प्रकृति, उर्वरता ।
- ग्रे (धूसर): बुराई पर जीत।
- नारंगी: ऊर्जा और उत्साह ।
- मोरपंखी हरा (Peacock Green): विशिष्टता और करुणा ।
- गुलाबी/बैंगनी: सार्वभौमिक प्रेम और आध्यात्मिक शक्ति ।
9 रंगों की चूड़ियाँ पहनना भक्तों के लिए अपनी आस्था व्यक्त करने और समुदाय के साथ एकता का अनुभव करने का एक सुंदर माध्यम है।
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