‘ चेहरे पर सूजन और थमने लगी थीं सांसें!
इंदौर:
शादी का घर खुशियों से चहक रहा था, ढोल-नगाड़े बज रहे थे और शगुन की हल्दी की रस्म शुरू हुई। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस हल्दी को शुभ माना जाता है, वही दुल्हन की जान की दुश्मन बन जाएगी। इंदौर के एक अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हल्दी की रस्म के तुरंत बाद दुल्हन समेत कई लोगों को इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
घटना खरगोन जिले के कसरावद की है। 21 वर्षीय दुल्हन राखी की शादी की रस्मों के दौरान जैसे ही उसे हल्दी लगाई गई, अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते राखी का चेहरा और होंठ बुरी तरह सूज गए और उसे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। आनन-फानन में उसे इंदौर के चोइथराम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती करना पड़ा। हालत इतनी गंभीर थी कि एक अन्य मरीज को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा।
सावधान! हल्दी में मिला था ‘मौत का रंग’
डॉक्टरों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रस्म के लिए बाजार से जो ‘खुली हल्दी’ खरीदी गई थी, उसमें भारी मात्रा में ‘मेटानिल येलो’ (Metanil Yellow) मिलाया गया था। यह एक जहरीला रासायनिक रंग है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पेंट या कपड़ों की रंगाई में होता है।
डॉक्टरों के मुताबिक:
- यह केमिकल त्वचा के संपर्क में आते ही खून में मिल जाता है।
- इससे ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ (Anaphylactic Shock) लग सकता है, जिससे इंसान की मौत भी हो सकती है।
- इंदौर में पिछले कुछ दिनों में ऐसे 4 से 5 मामले सामने आ चुके हैं।
बचाव और विशेषज्ञों की सलाह
इस डरावनी घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। शादियों के सीजन को देखते हुए निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा गया है:
- साबुत हल्दी का प्रयोग: रस्मों या खाने के लिए बाजार की खुली या पिसी हुई हल्दी के बजाय साबुत हल्दी (गांठ) खरीदकर उसे घर पर पीसना सबसे सुरक्षित है।
- पैकेट बंद उत्पाद: हमेशा भरोसेमंद ब्रांड और एगमार्क (Agmark) प्रमाणित हल्दी ही खरीदें।
- त्वचा परीक्षण: यदि संभव हो, तो हल्दी का उपयोग करने से पहले उसे हाथ के छोटे हिस्से पर लगाकर जांच लें।
प्रशासन की कार्रवाई:
खाद्य विभाग को इस मामले की सूचना दे दी गई है और संदिग्ध दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर हल्दी लगाने के बाद खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
सावधानी ही बचाव है ताकि आपकी खुशियों के रंग में कोई खलल न पड़े।
