नई दिल्ली:
अब ब्यूटी पार्लर, सैलून या आम क्लीनिकों में गोरा होने, झुर्रियां मिटाने या चेहरा चमकाने वाले इंजेक्शन नहीं लगाए जा सकेंगे। सरकार ने ऐसे सभी ‘ब्यूटी इंजेक्शन्स’ पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ किया गया है कि त्वचा की बाहरी खूबसूरती बढ़ाने वाले किसी भी प्रोडक्ट को शरीर के अंदर सुई के जरिए नहीं डाला जा सकता।
क्यों लगी रोक?
- गंभीर बीमारियां: पार्लरों में बिना डॉक्टरी सलाह के धड़ल्ले से लगाए जा रहे इन केमिकल्स से लोगों को गंभीर स्किन एलर्जी, इन्फेक्शन और किडनी-लिवर को नुकसान पहुंच रहा था।
- भ्रामक प्रचार: सोशल मीडिया पर ‘इंस्टेंट ग्लो’ और ‘गोरा रंग’ का लालच देकर ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा था।
- ब्यूटी नहीं, ये दवा है: नियम के मुताबिक, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट सिर्फ त्वचा पर रगड़ने या छिड़कने के लिए होते हैं। शरीर के अंदर जाने वाली हर चीज ‘दवा’ की श्रेणी में आती है, जिसे बिना मेडिकल लाइसेंस के बेचना या इस्तेमाल करना गैरकानूनी है।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त सजा
- जेल और दुकान सील: यदि कोई पार्लर, सैलून या अनधिकृत क्लीनिक ग्राहकों को ब्यूटी इंजेक्शन देते हुए पकड़ा गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगेगा और दुकान सील कर सीधे जेल भेजा जाएगा।
- इम्पोर्ट पर पाबंदी: विदेशों से ‘कॉस्मेटिक’ का नाम देकर भारत में लाए जाने वाले इन इंजेक्शन्स की खेप को अब बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा।
- सिर्फ डॉक्टरों को हक: अगर किसी ट्रीटमेंट में सुई का इस्तेमाल होना बेहद जरूरी है, तो वह केवल सर्टिफाइड स्किन डॉक्टर (Dermatologist) ही कर सकेंगे।
