New Delhi| भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्तियों की रक्षा के लिए देश भर के सभी रेलवे स्टेशनों पर व्यापक ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ (अग्नि सुरक्षा ऑडिट) कराने का एक बड़ा फैसला किया है।रेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना और सुरक्षा मानकों में पाई गई कमियों को तुरंत दूर करना है।
इस बड़े फैसले और ऑडिट से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
🔍 इन प्रमुख चीजों की होगी बारीकी से जांच
- स्टेशन भवन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम: शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बिजली के पूरे नेटवर्क और वायरिंग की जांच होगी।
- एसी प्लांट और वेंटिलेशन: सभी रेलवे स्टेशनों के एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम के सुरक्षा मानकों को परखा जाएगा।
- फायर फाइटिंग और स्प्रिंकलर सिस्टम: स्टेशनों पर लगे अग्निशामक उपकरण, स्प्रिंकलर और पानी के पंपिंग अरेंजमेंट की वर्किंग कंडीशन चेक की जाएगी।
- इमरजेंसी एग्जिट: आग लगने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आपातकालीन निकास मार्गों का मूल्यांकन होगा।
🤝 कैसे काम करेगी टीम?
- संयुक्त टीमों का गठन: जांच प्रक्रिया को पूरा करने के लिए रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ज्वाइंट टीम बनाई जाएगी।
- विशेषज्ञों की मदद: इस ऑडिट में राज्य के फायर ब्रिगेड विभागों और स्पेशलाइज्ड सुरक्षा एजेंसियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
- प्राथमिकता पर सुधार: जिन भी स्टेशनों पर तय मानकों में कोई कमी या खामी पाई जाएगी, वहां ‘प्रायोरिटी बेसिस’ (प्राथमिकता के आधार पर) तुरंत सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।
