News Desk| चैत्र नवरात्रि में उपवास के दौरान सही खान-पान न केवल धार्मिक, बल्कि सेहत की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से गर्मियों की शुरुआत के कारण हाइड्रेशन और संतुलित फलाहार पर ध्यान देना आवश्यक है।
स्वस्थ फलाहार और कम तेल के विकल्प
व्रत में अक्सर लोग तला-भुना खाना पसंद करते हैं, लेकिन कम तेल में भी पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है|
- कुट्टू या सिंघाड़े का चीला: पूरी या पकौड़ी के बजाय कम तेल या घी में कुट्टू (Buckwheat) या सिंघाड़े के आटे का चीला बनाएं|
- भुने हुए स्नैक्स: मखाना, मूंगफली और सूखे मेवों को तलने के बजाय हल्का रोस्ट (भून) करके खाएं|
- उबले हुए विकल्प: शकरकंद या आलू को उबालकर उसमें सेंधा नमक और नींबू डालकर चाट की तरह इस्तेमाल करें|
- समा के चावल: यह फाइबर से भरपूर होते हैं। इनकी खिचड़ी या इडली कम तेल में बनाई जा सकती है जो सुपाच्य होती है|
ब्लड शुगर लेवल और अचानक ज्यादा खाना (Binge Eating)
उपवास के बाद या दौरान एक साथ भारी भोजन करने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है|
- शुगर स्पाइक: लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक ज्यादा कार्बोहाइड्रेट या मीठा खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है |(Hyperglycemia).
- छोटे अंतराल पर भोजन: दिन भर भूखे रहने के बजाय हर 3-4 घंटे में थोड़ा-थोड़ा (जैसे फल, मेवे या दही) खाते रहें ताकि एनर्जी बनी रहे और शुगर लेवल स्थिर रहे|
- प्रोटीन का महत्व: अपने भोजन में पनीर, दही और मखाने जैसे प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें, जो भूख को नियंत्रित करने और शुगर स्पाइक को रोकने में मदद करते हैं|
हाइड्रेशन के उपाय (News & Tips)
गर्मी के मौसम में उपवास के दौरान शरीर में पानी की कमी (Dehydration) कमजोरी और चक्कर का कारण बन सकती है|
- तरल पदार्थों का चयन: केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के रस का सेवन करें|
- हाइड्रेटिंग फल: खीरा, तरबूज, संतरा और पपीता जैसे पानी से भरपूर फलों को आहार में शामिल करें|
- सेंधा नमक और जीरा: छाछ या पानी में सेंधा नमक और भुना जीरा मिलाकर पीने से इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है और पाचन भी सुधरता है|
- चाय-कॉफी से बचें अधिक मात्रा में कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है, इसकी जगह हर्बल टी या डिटॉक्स पानी पिएं|
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