भिलाई # CG। नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 38 की पार्षद कुमारी पार्वती महानंद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुर्ग संभाग के आयुक्त एस.एन. राठौर ने छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19(1)(अ-1) के तहत उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 25 जून 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। मामला वर्ष 2021 के नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा है। पार्वती महानंद ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्ड क्रमांक 38 से चुनाव लड़ा था और विजयी हुई थीं। बाद में रिसाली निवासी राहुल वर्मा ने उनके जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर हुई जांच के बाद जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने 7 मई 2026 को अपनी रिपोर्ट में पार्वती महानंद के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताया। जांच में यह भी पाया गया कि प्रमाण पत्र कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया था। अपर कलेक्टर महासमुंद द्वारा जारी पत्र में भी तहसीलदार कोमाखान की जांच रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रमाण पत्र को अवैध दस्तावेजों के आधार पर बनाए जाने की पुष्टि की गई है।
संभाग आयुक्त द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह स्थापित होता है कि पार्षद उस आरक्षित वर्ग से संबंधित नहीं हैं, जिसके लिए उक्त वार्ड आरक्षित था। ऐसी स्थिति में उनका पद पर बने रहना सार्वजनिक और निगम हित में उचित नहीं माना जा सकता। नोटिस में पार्वती महानंद से पूछा गया है कि उन्हें पार्षद पद से क्यों न बर्खास्त किया जाए। मामले की अंतिम सुनवाई 25 जून 2026 को निर्धारित की गई है। यदि तय तिथि तक उनका जवाब प्रस्तुत नहीं होता है, तो प्रशासन एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने का निर्णय ले सकता है।
