New Delhi| भारतीय रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों को निचली बर्थ का आवंटन स्वतः रूप से किया जाएगा, भले ही कोई विकल्प न दिया गया हो| वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए स्लीपर श्रेणी में प्रत्येक कोच में छह से सात निचली बर्थ, वातानुकूलित 3 टियर (3एसी) में प्रत्येक कोच में चार से पांच निचली बर्थ और वातानुकूलित 2 टियर (2एसी) श्रेणियों में प्रत्येक कोच में तीन से चार निचली बर्थ (ट्रेन में उस श्रेणी के कोचों की संख्या के आधार पर) मिलेगी।
राजधानी/शताब्दी प्रकार की ट्रेनों सहित सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगजनों और उनके परिचारकों के लिए आरक्षण किया गया है :-
- स्लीपर क्लास में चार बर्थ (दो निचली और दो मध्य बर्थ सहित)
- 3एसी/3ई में चार बर्थ ( दो निचली और दो मध्य बर्थ सहित)
- आरक्षित द्वितीय श्रेणी (2एस)/वातानुकूलित चेयर कार (सीसी) में चार सीटें
ट्रेन में खाली होने वाली निचली बर्थ को वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों या गर्भवती महिलाओं (जिन्हें मध्य/ऊपरी बर्थ आवंटित किया गया है) को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सुरक्षा और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन और विकसित किए गए विभिन्न प्रकार के कोच उपलब्ध कराए गए हैं। आरक्षित डिब्बों में प्रवेश और निकास द्वार चिह्नित होते हैं। ‘प्रवेश’ और ‘निकास’ के ये संकेत बॉडी साइड प्रवेश द्वारों के पास लगाए गए हैं। सामान्य डिब्बों में, किसी भी द्वार से प्रवेश और निकास किया जा सकता है।
- लगभग सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगजन के लिए एक अलग कोच की व्यवस्था की गई है। इन डिब्बों में चौड़े प्रवेश द्वार, चौड़ी बर्थ, चौड़े डिब्बे, चौड़े दरवाजों वाला बड़ा शौचालय, व्हीलचेयर पार्किंग क्षेत्र आदि होते हैं। शौचालयों के भीतर सहारे के लिए दीवारों पर अतिरिक्त ग्रैब रेल लगाए गए हैं तथा वॉशबेसिन और दर्पण को उपयुक्त ऊंचाई पर स्थापित किया गया है, जिससे दिव्यांग यात्रियों को अधिक सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए एकीकृत ब्रेल साइनेज अर्थात ब्रेल लिपि के साथ अंकित साइनेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
- आधुनिक अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों को दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। वंदे भारत ट्रेनों के पहले और आखिरी डिब्बों में व्हीलचेयर, ज्यादा जगह वाले दिव्यांगजनों के अनुकूल शौचालय आदि के लिए विशेष प्रावधान हैं। इसके अलावा, वंदे भारत ट्रेनों के इन डिब्बों और अमृत भारत के सामान-सह-दिव्यांगजन डिब्बों में मॉड्यूलर रैंप की व्यवस्था की गई है ताकि कोच के अंदर सीमित गतिशीलता वाले व्यक्तियों को आसानी से चढ़ना और उतरना पड़े।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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