दुर्ग-भिलाई: अगर आपके मोबाइल पर भी यातायात पुलिस या ‘एम-परिवहन’ के नाम से कोई ई-चालान (e-Challan) का मैसेज आया है, तो उस पर क्लिक करने से पहले सौ बार सोच लें। दुर्ग-भिलाई जुड़वां शहर में साइबर ठगों ने एक ऐसा जाल बुना है, जिसने चंद मिनटों में एक व्यक्ति के खाते से लाखों रुपये साफ कर दिए। [12]

📱 क्या है पूरा मामला?

यह सनसनीखेज मामला दुर्ग के कोहका (शिक्षक नगर) इलाके का है। राजनांदगांव के रहने वाले 30 वर्षीय आर्किटेक्ट अंकेश सिन्हा अपने ससुराल आए हुए थे। शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर ‘एम-परिवहन’ के नाम से एक फर्जी मैसेज आया। 

मैसेज में लिखा था कि उनकी एक्टिवा गाड़ी पर ₹1,000 का ई-चालान पेंडिंग है और भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंकेश ने इसे असली सरकारी मैसेज समझा और उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। [12]

💸 लिंक खोलते ही हुआ खेल, उड़ाए ₹4.24 लाख 

लिंक पर क्लिक करते ही साइबर ठगों ने उनके फोन और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद, शाम लगभग 7 बजे उनके क्रेडिट कार्ड से दो बड़े ट्रांजेक्शन हो गए: [

  • पहला ट्रांजेक्शन: ₹1,31,762
  • दूसरा ट्रांजेक्शन: ₹2,92,611
  • कुल ठगी: ₹4,24,373 []

🛒 ठगी के पैसों से खरीदे महंगे फोन 

हैरानी की बात यह है कि ठगों ने इस राशि को सीधे बैंक में ट्रांसफर करने के बजाय ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म (फ्लिपकार्ट) के जरिए सैमसंग के तीन बेहद महंगे प्रीमियम स्मार्टफोन खरीद लिए। पुलिस जांच में इन मोबाइलों की डिलीवरी का पता उत्तर प्रदेश के नोएडा का निकला है। पीड़ित की शिकायत पर स्मृति नगर चौकी (सुपेला पुलिस) ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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