New Delhi| 15 वर्षीय भारतीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में रनों का तूफान लाते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने सीरीज के दौरान न सिर्फ दो धमाकेदार अर्धशतक जड़े, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में कई बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मैचों में उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी को लेकर खेल जगत में हर तरफ चर्चा हो रही है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
1. 15 साल की उम्र में दो अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक
- इकलौते बल्लेबाज: वैभव सूर्यवंशी दुनिया के पहले और इकलौते ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय टी-20 (T20I) क्रिकेट में दो अर्धशतक लगाए हैं।
- पहला मुकाबला: सीरीज के पहले टी-20 मैच में उन्होंने मात्र 18 गेंदों पर 50 रन कूटकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
- तीसरा मुकाबला: अंतिम टी-20 मैच में उन्होंने अपनी फॉर्म जारी रखते हुए 49 गेंदों पर 81 रनों की एक और बेहतरीन पारी खेली।
2. महान सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
- वैभव ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय फिफ्टी के साथ ही भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक (भारतीय पुरुष क्रिकेट में) लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
- सचिन ने यह कारनामा 17 साल की उम्र में किया था, जबकि वैभव ने इसे महज 15 साल 118 दिन की उम्र में हासिल कर लिया।
- वैश्विक स्तर पर उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला (15 साल 340 दिन) के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
3. इतिहास के सबसे युवा ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’
- तीन मैचों की इस सीरीज में 151 रन बनाकर भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप दिलाने वाले वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के सबसे युवा ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ (Player of the Series) बन गए हैं।
- उन्होंने 15 साल 121 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान (16 साल 328 दिन) का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा।
4. फुल-मेम्बर देशों में अनोखा कीर्तिमान
- वह आईसीसी (ICC) के किसी भी पूर्ण सदस्य (Full-Member) देश के ऐसे पहले खिलाड़ी बने हैं, जिसने 16 साल की उम्र से पहले एक से अधिक अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़े हैं।
