news desk| ‘मेड इन इंडिया’ मोबाइल सेक्टर को वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए भारत सरकार जल्द ही PLI 2.0 (प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम लॉन्च करने जा रही है। इस नई नीति को 40,000 करोड़ रुपये के ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (ECMS) के साथ जोड़ा जाएगा।

मुख्य बिंदु:

आयात में कमी: इस कदम से चीन और अन्य देशों से महंगे पार्ट्स के आयात पर भारत की निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

घरेलू पुर्जों पर जोर: इसका मुख्य उद्देश्य केवल असेंबली के बजाय भारत में ही डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल और बैटरी जैसे मुख्य पुर्जे तैयार करना है।

आत्मनिर्भरता: स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन (Value Addition) को मौजूदा 18-20% से बढ़ाकर 55% से अधिक करने का लक्ष्य है।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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