रायबरेली| राहुल गांधी ने देश में गंभीर आर्थिक संकट आने की चेतावनी देते हुए युवाओं को इंस्टाग्राम रील्स जैसी सोशल मीडिया गतिविधियों से हटकर देश के वास्तविक मुद्दों और अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने की सलाह दी है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह समय आभासी दुनिया से बाहर निकलकर आने वाले वित्तीय तूफान के प्रति सतर्क होने का है।
रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. दावा किया कि आने वाले दिनों में देश एक बड़े वित्तीय संकट (आर्थिक आंधी-तूफान) का सामना करने जा रहा है
राहुल गांधी के बयान के मुख्य बिंदु
- अडानी-अंबानी का ढांचा टूटेगा: राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों में देश का जो आर्थिक ढांचा बदला है, वह अब ढहने की कगार पर है. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट केंद्रित यह व्यवस्था ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगी.
- आम जनता को लगेगा झटका: उन्होंने साफ किया कि इस आर्थिक संकट का असर बड़े उद्योगपतियों या महलों में बैठे लोगों पर नहीं पड़ेगा. इसका सीधा नुकसान उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को भुगतना पड़ेगा.
- आसमान छुएगी महंगाई: राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और महंगाई बहुत तेजी से ऊपर जाएंगे, जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो जाएगा.
- पीएम मोदी के विदेशी दौरों पर तंज: उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री देश की जनता से खर्च कम करने, विदेश यात्रा न करने और सादगी अपनाने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे खुद लगातार दुनिया भर के चक्कर काट रहे हैं.
- अपने बयान में राहुल गांधी ने वैश्विक परिस्थितियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (यूएस-ईरान) में चल रहे तनाव और सामरिक जलमार्गों पर नियंत्रण के चलते पूरी दुनिया में कच्चे तेल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो रही है. सरकार इस गंभीर चुनौती के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है, जिसके कारण देश को यह आर्थिक झटका सहन करना पड़ेगा.
