शादियों के सीजन में रिकॉर्ड ऊंचाई से औंधे मुंह गिरे दाम!

लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे सर्राफा बाजार में आज तगड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिछले कई हफ्तों से आम जनता की पहुंच से दूर हो रहे सोने और चांदी की कीमतों में आज सुबह से ही भारी बिकवाली देखी गई। इस अचानक आई गिरावट ने जहां निवेशकों को हैरान कर दिया है, वहीं शादियों के सीजन में जेवर खरीदने की योजना बना रहे परिवारों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।

📉 मुख्य गिरावट और बाजार का हाल

  • चांदी में सबसे बड़ी सेंध: चांदी के वायदा बाजार में आज सुबह से ही मुनाफावसूली का दौर चला, जिससे कीमतें लगभग ₹7,000 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गईं।
  • सोने की चमक पड़ी फीकी: पिछले ऑल-टाइम हाई स्तर से टूटकर सोना आज करीब ₹1,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है।
  • आसमान से जमीन पर आए दाम: अपने उच्चतम स्तर की तुलना में चांदी अब तक की अपनी सबसे बड़ी गिरावट के दौर से गुजर रही है।

💰 आज के ताजा भाव (औसत बाजार दरें)

बाजार खुलने के बाद अलग-अलग शुद्धता के हिसाब से दाम इस प्रकार दर्ज किए गए:

  • 24 कैरेट (शुद्ध सोना): लगभग ₹1,57,000 प्रति 10 ग्राम।
  • 22 कैरेट (गहनों के लिए): लगभग ₹1,44,560 प्रति 10 ग्राम।
  • 18 कैरेट (लाइटवेट ज्वेलरी): लगभग ₹1,17,170 प्रति 10 ग्राम।
  • चांदी (सिल्वर): भारी गिरावट के बाद बाजार में ₹2,66,000 से ₹2,68,000 प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार देखा गया।

🔍 क्यों आई अचानक यह बड़ी गिरावट?

  1. वैश्विक बाजारों का दबाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती मुद्राओं और सरकारी बॉन्ड की बढ़ती मांग के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग अचानक कम हुई है।
  2. बड़े निवेशकों की मुनाफावसूली: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़े व्यापारियों ने भारी मात्रा में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और दाम नीचे आ गए।
  3. आर्थिक नीतियां: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर कड़े रुख के संकेतों ने भी कमोडिटी मार्केट पर दबाव बनाया है।

💡 ग्राहकों के लिए आगे क्या?

बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो लंबे समय से दाम कम होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।


By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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