NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। जांच में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसमें परीक्षा कराने वाली मुख्य संस्था के अपने ही अंदरूनी पैनल से जुड़े बड़े चेहरों के नाम सामने आए हैं।
ताजा खुलासे और बड़ी गिरफ्तारियां
- अंदरूनी नेटवर्क का पर्दाफाश: जांच के अनुसार, बॉटनी और केमिस्ट्री के दो सीनियर प्रोफेसर (जो पेपर सेट करने और अनुवाद पैनल में शामिल थे) ही इस लीक के मुख्य किरदार निकले। इन्होंने परीक्षा से पहले गोपनीय प्रश्न चुराए।
- कोचिंग माफिया पर शिकंजा: महाराष्ट्र के लातूर में स्थित एक बड़े केमिस्ट्री कोचिंग संस्थान के संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके मोबाइल से परीक्षा से पहले ही लीक प्रश्न पत्र बरामद हुए हैं।
- सीबीआई रिमांड: दिल्ली की कोर्ट ने मुख्य आरोपियों को 14 दिनों की CBI कस्टडी में भेज दिया है। अब तक देश भर से 9 से अधिक मुख्य किरदारों को दबोचा जा चुका है।
कैसे फैला ‘लीक पेपर’ का यह मकड़जाल?
- सोशल मीडिया पर सप्लाई: परीक्षा से करीब 4 दिन पहले ही फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवालों को पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर शेयर कर दिया गया था।
- हूबहू मैच हुए सवाल: लीक हुए इस पेपर में कुल 180 में से 150 से अधिक सवाल मुख्य परीक्षा के पेपर से हूबहू मैच कर गए। यहां तक कि उनके विकल्पों का क्रम भी बिल्कुल वैसा ही था।
- लाखों का सौदा: यह लीक नेटवर्क लातूर, नासिक, सीकर और दिल्ली-एनसीआर तक फैला हुआ था। बिचौलियों के माध्यम से प्रति छात्र ₹2 लाख से लेकर ₹10 लाख तक में यह पेपर बेचा जा रहा था।
छात्रों के लिए जरूरी तारीख (Re-NEET)
- परीक्षा रद्द: बड़े पैमाने पर धांधली की पुष्टि होने के बाद मई को हुई परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
- नई परीक्षा की तारीख: अब यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।
- एडमिट कार्ड: छात्रों को दोबारा कोई फीस नहीं देनी होगी, जल्द ही नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
सख्त कानून की मांग
इस बीच, देश के बड़े डॉक्टर संगठनों ने कोर्ट का रुख किया है। उनकी मांग है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने के लिए परीक्षा कराने वाली संस्था को सीधे संसद के अधीन लाया जाए, ताकि अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके और दोषियों को उम्रकैद जैसी सख्त सजा मिले।
