News Desk| भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली के कारण सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा टूटकर नीचे चला गया, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये डूब गए। हालांकि, दोपहर के बाद आईटी (IT) सेक्टर में आई जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार ने शानदार वापसी की और अंत में सेंसेक्स करीब 77 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।
सुबह बाजार डूबने की बड़ी वजहें
- कच्चे तेल में उबाल: वैश्विक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अचानक उछलकर $111 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
- रुपये में एतिहासिक गिरावट: विदेशी बाजारों के दबाव के चलते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले टूटकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
- वैश्विक बाजारों का दबाव: एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों की वजह से घरेलू निवेशकों का भरोसा डगमगा गया।
इन शेयरों ने कराई बाजार की ‘घर वापसी’
- आईटी सेक्टर का सहारा: जब बाजार पूरी तरह ढह रहा था, तब प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में आई भारी तेजी ने बाजार को संभाल लिया।
- एयरटेल का नया रिकॉर्ड: टेलीकॉम सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी के शेयर करीब 2% उछलकर बंद हुए, जिसके चलते यह देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई।
- चौतरफा रिकवरी: बैंकिंग और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में निचले स्तरों पर आई खरीदारी से निफ्टी भी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा।
इन सेक्टर्स को लगा सबसे बड़ा झटका
बाजार के संभलने के बावजूद मेटल (धातु) और पावर ग्रिड जैसे सरकारी कंपनियों के शेयरों में आज 3 से 4% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा छोटे और मझोले (Smallcap & Midcap) शेयरों में भी पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तब तक बाजार में ऐसा ही उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। ऐसे में रिटेल निवेशकों को किसी भी पेनी स्टॉक या जोखिम भरे शेयर में एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए।
