बस्तर| केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद (CZC) की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में नक्सलवाद के नाश और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं।
🤝 बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
- केंद्रीय नेतृत्व: गृहमंत्री अमित शाह और गृह मंत्रालय के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी।
- चार राज्यों के मुख्यमंत्री: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री।
🎯 बैठक के 4 सबसे बड़े फैसले और रणनीतियां
- जंगलों में नए सुरक्षा कैंप: बस्तर के सबसे अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में नए सुरक्षा फॉरवर्ड कैंप (Forward Camps) स्थापित किए जाएंगे। इसका मकसद नक्सलियों के छिपने के ठिकानों को पूरी तरह खत्म करना है।
- ज्वाइंट ऑपरेशन और इंटेलिजेंस शेयरिंग: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस के बीच रियल-टाइम खुफिया जानकारियां साझा करने के लिए एक विशेष मैकेनिज्म तैयार किया गया है। इससे सीमा पार भागने वाले नक्सलियों की घेराबंदी आसान होगी।
- बॉर्डर पर विकास की रफ्तार: सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ-साथ बस्तर के सुदूर सीमावर्ती गांवों तक पक्की सड़कें, मोबाइल नेटवर्क, बिजली और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के काम को दोगुना तेज किया जाएगा।
- हथियार छोड़ने वालों का पुनर्वास: भटके हुए स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरेंडर नीति (Surrender Policy) को और अधिक सरल और रोजगारोन्मुखी बनाने पर सहमति बनी है।
बस्तर के लिए अतिरिक्त सहयोग
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग की मांग की। गृहमंत्री ने आश्वस्त किया कि बस्तर के विकास और सुरक्षा के लिए फंड तथा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
