दुर्ग-भिलाई-रायपुर। झमाझम बारिश और आंधी तूफान ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के कई शहरों को तर-बतर कर दिया। राजधानी रायपुर में दोपहर 3 बजे से चले आंधी तूफान में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज मूसलाधार बारिश से कई जगहों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई। वहीं कई स्थानों ओले भी गिरे।
दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर, अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी तूफान की वजह से कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। मौसम विभाग ने 6 मई तक आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी दी।
रायपुर में 3 बजे के बाद से खबर लिखते तक कई जगहों पर बिजली बाधित है। वही भिलाई के बीएसपी में 24 घंटे से बिजली नहीं है। दुर्ग में बिजली के साथ लोगों को पानी की समस्या से भी दो चार होना पड़ रहा है।
इस आंधी-तूूफान में हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा में इसने कई पेड़ों, खंभों, टीन की छतों, होर्डिंग्स को अपने साथ उड़ा ले गई। दुर्ग बस स्टैंड पर सौ साल पुराना पेड़ गिर गया। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
