अमरावती। जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में आंध्र-प्रदेश के सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल सोमीसेट्टी मधुसूदन की भी मौत हो गई। वह बेंगलुरु में रहकर जाॅब करते थे। मधुसूदन अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कश्मीर घूबने गए थे। उनके माता-पिता, सोमीसेट्टी तिरुपालु और पद्मावती नेल्लोर के कावली में रहते हैं, जहाँ उनका पार्थिव शरीर ले जाया जाएगा।
उनकी बेटी मेधु इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा दत्तू कक्षा 8 में है। बुधवार को बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘बेंगलुरु के मृतक मधुसूदन के परिवार से बात की, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में दुखद रूप से अपनी जान गंवा दी। हमारी इस कठिन समय में परिवार के सदस्यों पूरी संवेदना है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, मधुसूदन के पार्थिव शरीर को चेन्नई ले जाया जाएगा और फिर परिवार की इच्छा के अनुसार उनके पैतृक गाँव ले जाया जाएगा।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शोक व्यक्त किया। “पहलगाम में कल हुए आतंकवादी हमले में हमारे तेलुगु समुदाय के सदस्य जेएस चंद्रमौली और मधुसूदन की दुखद क्षति पर शोक व्यक्त करता हूँ। इस गहरे दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ उनके परिवारों के साथ हैं, मैं प्रार्थना करता हूँ कि उन्हें इस अपार क्षति को सहने की शक्ति मिले।”
सख्ती से निपटा जाना चाहिए
आतंकवाद की निंदा करते हुए नायडू ने कहा, ‘आतंकवादी कृत्य समाज पर एक धब्बा हैं। इतिहास बताता है कि आतंकवाद और हिंसा ने कभी भी उन उद्देश्यों को हासिल नहीं किया है, जिन्हें वे बढ़ावा देना चाहते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार हमारे देश की संप्रभुता की रक्षा करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के साथ एकजुटता में खड़ी है। इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।’
सभ्य समाज में आतंक का कोई स्थान नहीं
आईटी मंत्री नारा लोकेश ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले से बहुत दुखी हूं, जिसमें आंध्र प्रदेश के चंद्रमौली और मधुसूदन राव सहित 28 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। असहनीय दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’ इस जघन्य कृत्य को बख्शा नहीं जाना चाहिए। मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस जघन्य अपराध के अपराधियों को अविस्मरणीय सबक सिखाएंगे। सभ्य समाज में आतंक का कोई स्थान नहीं है।’
