फगवाड़ा (पंजाब)। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में पिछले 24 घंटों से चल रहा गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक छात्रा की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लेकिन पूरी तरह से अपुष्ट और भ्रामक अफवाहें वायरल होने के बाद हजारों की संख्या में छात्र विरोध-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 28 सितंबर 2026 से अगले 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाओं को भी टाल दिया है।
🚨 रात 2 बजे शुरू हुआ विवाद, नेशनल हाईवे किया जाम
कपूरथला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा हंगामा रविवार (27 सितंबर 2026) तड़के करीब 1:45 से 2:00 बजे के बीच शुरू हुआ।
- क्या थी अफवाह?: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया गया कि हॉस्टल (GH-3) में एक छात्रा के साथ अप्रिय घटना घटी है। इस सूचना के फैलते ही छात्र सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भड़क गए।
- कैंपस में क्षति और जाम: विरोध के दौरान कैंपस की संपत्ति, शीशों और द्वारों को नुकसान पहुँचाया गया। इसके बाद सुबह होते-होते बड़ी संख्या में छात्र जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
🚔 पुलिस का बड़ा कदम: अज्ञात के खिलाफ FIR और SIT का गठन
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह संधू और कपूरथला पुलिस ने स्पष्ट किया कि छात्रों के असंतोष और आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।
- छात्रों की सहभागिता: मामले की निष्पक्षता से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। खास बात यह है कि इस पांच सदस्यीय जांच टीम में 5 छात्रों को भी आधिकारिक सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
- तकनीकी जांच: पुलिस अब कैंपस के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, फोन कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक सबूतों की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि अफवाहों के पीछे के असली सच का पता लगाया जा सके। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक की शुरुआती जांच में किसी भी अप्रिय वारदात का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
🏫 विश्वविद्यालय प्रशासन की अपील: “अफवाहों पर ध्यान न दें”
विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर चल रही जानकारियों को पूरी तरह से काल्पनिक, निराधार और भ्रामक बताया है। प्रबंधन का कहना है कि संस्थान की छवि खराब करने के इरादे से कुछ शरारती तत्वों ने इस तरह के संदेश फैलाए हैं।
प्रशासन ने सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाले अपडेट्स को ही सही मानें। वर्तमान में कैंपस के भीतर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
