नई दिल्ली:
दिवाली का त्योहार सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों को दीपों और फूलों से सजाया जाता है। दिवाली की सजावट में घर के मुख्य द्वार (Main Door) पर रंगोली बनाने का विशेष महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि मां लक्ष्मी इसी मार्ग से घर में प्रवेश करती हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि मुख्य द्वार की दिशा को ध्यान में रखकर सही रंगों और आकृतियों से रंगोली बनाई जाए, तो घर में सुख-समृद्धि का प्रवाह कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि आपके घर के दरवाजे की दिशा के हिसाब से किस तरह की रंगोली सबसे शुभ रहेगी।
1. पूर्व मुखी दरवाजा (East Facing Door)
पूर्व दिशा सूर्य देव, सकारात्मकता और उत्तम स्वास्थ्य से जुड़ी है।
- शुभ रंग: पीला, संतरा (Orange), केसरिया और हल्का लाल। रंगोली में हल्दी का प्रयोग बेहद शुभ माना जाता है।
- आकार व डिजाइन: इस दिशा में अंडाकार (Oval) या सूर्य की किरणों की आकृति वाली रंगोली बनाना सबसे उत्तम रहता है।
2. उत्तर और उत्तर-पूर्व मुखी दरवाजा (North / North-East Facing Door)
उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की है, जबकि उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को देवताओं का स्थान माना जाता है।
- शुभ रंग: हरा, हल्का नीला और पीला रंग।
- आकार व डिजाइन: यहाँ लहरदार (Wavy) या गोल चक्र वाली रंगोली बनाएं। उत्तर-पूर्व कोने में मां लक्ष्मी का प्रिय कमल का फूलबनाना सबसे भाग्यशाली माना जाता है।
- विशेष सावधानी: उत्तर दिशा की रंगोली में गहरे लाल रंग (कुमकुम) का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें, इसकी जगह पीले (हल्दी) रंग को प्राथमिकता दें।
3. दक्षिण और दक्षिण-पूर्व मुखी दरवाजा (South / South-East Facing Door)
यह दिशा अग्नि तत्व और ऊर्जा से संचालित होती है।
- शुभ रंग: लाल, गुलाबी, नारंगी और गहरा पीला। इस दिशा में कुमकुम और सिंदूर का खुलकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
- आकार व डिजाइन: यहाँ तिकोनी (Triangle) या आयताकार (Rectangular) रंगोली बनाना शुभ होता है। दीये या तोरण जैसी आकृतियां यहाँ सकारात्मकता लाती हैं।
- विशेष सावधानी: दक्षिण मुखी द्वार पर काले या गहरे नीले रंग का भूलकर भी इस्तेमाल न करें।
4. पश्चिम और उत्तर-पश्चिम मुखी दरवाजा (West / North-West Facing Door)
पश्चिम दिशा स्थिरता, व्यापार और लाभ की मानी जाती है।
- शुभ रंग: सफेद, सुनहरा (Gold), सिल्वर या हल्का पीला।
- आकार व डिजाइन: इस दिशा के लिए पूरी तरह गोलाकार (Circular) या ज्यामितीय (Geometric) आकृतियां जैसे ‘मंडला आर्ट’ रंगोली सबसे बेस्ट हैं।
रंगोली बनाते समय इन वास्तु नियमों का रखें खास ध्यान:
- लक्ष्मी चरण की सही दिशा: रंगोली के साथ मां लक्ष्मी के चरण चिह्न (Footsteps) जरूर बनाएं। ध्यान रखें कि चरणों की उंगलियां घर के अंदर की तरफ आती हुई होनी चाहिए, बाहर की तरफ नहीं।
- भगवान की आकृति न बनाएं: मुख्य द्वार की जमीन पर बनाई जाने वाली रंगोली में कभी भी भगवान गणेश या लक्ष्मी जी की तस्वीर या आकृति न बनाएं, क्योंकि आने-जाने वालों के पैर या धूल लगने से इनका अपमान होता है।
- अंधेरे कोनों को चमकाएं: मुख्य द्वार के अलावा घर के उन कोनों (Corners) में भी छोटी रंगोली या फूलों की पंखुड़ियां रखें जहाँ अक्सर अंधेरा रहता है, इससे वहां की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
- दीपक का नियम: रंगोली के ठीक बीच में या चारों कोनों पर मिट्टी के दीये जलाकर रखें, जिससे घर का वास्तु दोष दूर होता है।
