नई दिल्ली: दीपावली का त्योहार केवल रोशनी और पटाखों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह मां लक्ष्मी के स्वागत और समृद्धि का महापर्व है। सनातन परंपरा, पुराणों और वास्तु शास्त्र में माना गया है कि दीपावली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और केवल उसी स्थान पर रुकती हैं जहाँ पूर्ण स्वच्छता, सकारात्मक ऊर्जा और सौंदर्य होता है। अगर आप भी इस दिवाली मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो अपने घर की सजावट में वास्तु के इन नियमों का विशेष ध्यान रखें।
- मुख्य द्वार (सिंह द्वार) से होगी धन की एंट्री
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
- बंदनवार: मुख्य द्वार पर प्लास्टिक की जगह आम या अशोक के पत्तों और ताजे गेंदे के फूलों से बना बंदनवार लटकाएं। यह नकारात्मक शक्तियों को रोकता है।
- शुभ चिह्न: प्रवेश द्वार पर कुमकुम या हल्दी से स्वास्तिक और ‘शुभ-लाभ’ का चिह्न जरूर बनाएं।
- प्रकाश: शाम के समय मुख्य द्वार के दोनों ओर घी या तेल के दीपक जलाएं, प्रवेश द्वार पर अंधेरा बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
- पूजा घर की सही दिशा और नियम
लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को सबसे पवित्र माना गया है।
- पूजा की चौकी पर हमेशा लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं।
- विशेष ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर को दीवार से एकदम सटाकर न रखें, उनके बीच थोड़ा गैप होना जरूरी है।
- घर के मंदिर में कभी भी देवी लक्ष्मी की एक से अधिक मूर्तियां न रखें।
- पुराणों के अनुसार: स्वच्छता ही है लक्ष्मी का वास
शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि जिस घर में गंदगी, कबाड़ या कलह होती है, वहां ‘अलक्ष्मी’ यानी दरिद्रता का वास हो जाता है। इसलिए दिवाली से पहले घर के ईशान कोण और ब्रह्मस्थान (घर का मध्य भाग) से सारा पुराना कबाड़, टूटे बर्तन और खराब इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बाहर निकाल दें। घर के प्रवेश द्वार पर ताजे फूलों या रंगों से सुंदर रंगोली बनाएं, जो मां लक्ष्मी के स्वागत का पवित्र प्रतीक है। - दिशा के अनुसार लाइटों का चुनाव
दिवाली पर घर को रोशन करते समय दिशाओं के अनुसार रंगों का चयन करें। उत्तर दिशा (कुबेर स्थान) में हल्की नीली या हरी लाइटें लगाएं, जबकि आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में गुलाबी या हल्की लाल लाइटें लगाना धन आगमन के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
इस दीपावली पर पारंपरिक नियमों और वास्तु का यह तालमेल आपके घर में सुख, शांति और अखंड लक्ष्मी का वास लेकर आएगा।
