नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
पीएम मोदी ने अतीत के काले दिनों को याद करते हुए सुरक्षा के मोर्चे पर देश की मौजूदा मजबूती को सराहा। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देशवासियों की एकजुटता की भी जमकर तारीफ की।
⚠️ आतंकवाद के दौर को किया याद, सुरक्षा बलों को सराहा
प्रधानमंत्री ने सितंबर महीने के ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए देश पर हुए बड़े आतंकी हमलों का उल्लेख किया।
- सीरियल ब्लास्ट का जिक्र: पीएम मोदी ने कहा, “एक समय था जब देश में, खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में सीरियल ब्लास्ट होना बहुत सामान्य बात हो गई थी। 13 सितंबर 2008 के दिल्ली धमाके और उसके बाद 26/11 के मुंबई आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।”
- मजबूत सुरक्षा तंत्र: उन्होंने आगे कहा कि आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अब बेहद चाक-चौबंद और अभेद्य है। सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के कड़े तालमेल की बदौलत आज आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है और देशवासी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
💡 राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं से की खास अपील
अपने संबोधन के दूसरे हिस्से में प्रधानमंत्री ने देश की युवा शक्ति (Youth Power) पर भरोसा जताया।
- नवाचार और स्टार्टअप: पीएम ने कहा कि भारत का युवा आज सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बन रहा है। देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे नए स्टार्टअप्स इस बात का प्रमाण हैं।
- विकसित भारत का संकल्प: उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए नई तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधानों को अपनी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाएं।
📌 ‘मन की बात’ की अन्य मुख्य बातें
- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा: त्योहारों के आगामी सीजन को देखते हुए पीएम ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा बुलंद किया और लोगों से स्थानीय कारीगरों से खरीदारी करने का आग्रह किया।
- जल संरक्षण अभियान: देश के कई हिस्सों में बाढ़ और कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘कैच द रेन’ जैसे जल संरक्षण अभियानों में जनभागीदारी बढ़ाने की बात कही।
