छत्तीसगढ़ में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने रौद्र रूप ले लिया है. बस्तर संभाग में पिछले 15 वर्षों की सबसे विनाशकारी बाढ़ देखी जा रही है.
- असर और रेस्क्यू: सुकमा में शबरी नदी, धमतरी में महानदी और रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. सुकमा के कोटा ब्लॉक के 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है. राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने अब तक 5,000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है.
- मुआवजा: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों को ₹5,000-₹5,000 के तात्कालिक सहायता चेक वितरित किए हैं. वहीं भारी बारिश के चलते पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली (भामरागढ़) में भी बाढ़ आ गई है और वहां भी 525 से अधिक लोगों को शिफ्ट किया गया है.
- 2. रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित; स्कूलों और बैंक परीक्षाओं में बड़ी राहत
- लगातार हो रही बारिश के कारण छत्तीसगढ़ का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है:
- ट्रेनें रद्द: लाटाबोड़-गुंडरडेही के बीच रेलवे ट्रैक धंसने और पटरियों पर पानी भरने की वजह से बिलासपुर जोन की 11 महत्वपूर्ण ट्रेनें (जिनमें दुरंतो, आजाद हिंद, और मुंबई-शालिमार एक्सप्रेस शामिल हैं) रद्द कर दी गई हैं. इसके साथ ही 17 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है और 6 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है.
- सड़कें बंद: रायपुर को पाटन और दुर्ग से जोड़ने वाला महादेव घाट रोड और नेशनल हाईवे-30 (NH-30) पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कई जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है.
- छात्रों को राहत: 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए नियमित विद्यार्थियों के नामांकन और मुख्य परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है
