महिला कैदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जेल विभाग ने एक बेहतरीन कदम उठाया है. रायपुर केंद्रीय जेल में छत्तीसगढ़ की पहली ‘महिला खुली जेल’ (Women Open Correctional Institution) का शुभारंभ डीजी जेल हिमांशु गुप्ता द्वारा किया गया.
- कैसे काम करेगी व्यवस्था? इस ओपन जेल में शुरुआत में 25 महिला बंदियों को रखा जाएगा. ये महिला कैदी जेल की ऊंची दीवारों के बंधन से मुक्त, परिसर के बाहर स्थित सिलाई-कढ़ाई केंद्र, ब्यूटी पार्लर और जेल उत्पाद बिक्री केंद्र में दिनभर काम कर रोजगार पा सकेंगी. शाम को लॉकअप (नियत समय) से पहले उन्हें वापस जेल परिसर में लौटना होगा. (बता दें कि इससे ठीक पहले दुर्ग जेल में भी पुरुषों के लिए ऐसी ही व्यवस्था शुरू की गई है)
