करवा चौथ के पावन त्योहार पर सुहागिनों का श्रृंगार चूड़ियों के बिना अधूरा माना जाता है। इस साल बाजार में 90 के दशक का एक बेहद लोकप्रिय और पुराना फैशन पूरी तरह से लौट आया है, जिसे ‘रेनड्रॉप’ (Raindrop) कांच की चूड़ियां कहा जाता है। वहीं दूसरी तरफ, पारंपरिक लुक को पूरा करने के लिए प्लेन लाख की चूड़ियों और हैवी कड़ों का क्रेज महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। आइए जानते हैं इस बार के चूड़ी बाजार के ट्रेंड, डिजाइन और कीमतों का पूरा हाल। [123456]


1. 90s का वो पुराना प्यार: फिर लौटीं ‘रेनड्रॉप’ कांच की चूड़ियां

अगर आपको 90 के दशक का फैशन याद हो, तो कांच की वे चूड़ियां जिन पर बारीक पानी की बूंदों जैसे उभरे हुए डॉट्स या स्टोन लगे होते थे, बेहद पसंद की जाती थीं। इस बार करवा चौथ पर यही रेनड्रॉप कांच की चूड़ियां सबसे बड़ा वायरल ट्रेंड बनी हुई हैं। [123]

  • कैसा है डिजाइन: इन चूड़ियों की बनावट ऐसी होती है कि इन पर जैसे ही रोशनी पड़ती है, तो इनमें लगे बारीक क्रिस्टल या उभरे हुए कांच बिल्कुल ‘बारिश की बूंदों’ (Raindrops) की तरह चमकते हैं। [12]
  • ट्रेंडी कलर्स: इस बार सदाबहार लाल और महरून के अलावा रानी पिंक, बॉटल ग्रीन, हल्दी येलो और मल्टी-कलर रेनड्रॉप चूड़ियों की सबसे ज्यादा मांग है। [12]
  • मिक्स एंड मैच स्टाइल: महिलाएं इन प्लेन रेनड्रॉप चूड़ियों के बीच में लाख के मोटे कड़े या लटकन वाले झुमकी कड़े लगाकर अपना कस्टमाइज्ड सेट तैयार करवा रही हैं। [1]

2. शुभ और एवरग्रीन: प्लेन लाख की चूड़ियां और हैवी कड़े

करवा चौथ पर लाख (Lac) को बहुत ही शुभ और सुहाग का प्रतीक माना जाता है। इस बार तड़क-भड़क वाली चूड़ियों की जगह प्लेन लाख की चूड़ियां काफी ट्रेंड में हैं। [12]

  • डिजाइन का नया अंदाज: इस बार चौड़े और हेक्सागोनल (छह कोनों वाले) प्लेन लाख के कड़े काफी पसंद किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बारीक कुंदन वर्क, सीप और जरकन स्टोन से सजे राजस्थानी जयपुरी लाख के कड़े भी सदाबहार बने हुए हैं। [123]

3. कहां से बनकर आती हैं ये चूड़ियां? (Manufacturing Hubs)

क्या आप जानते हैं कि पूरे भारत में धूम मचाने वाली ये खूबसूरत चूड़ियां कहां बनती हैं?

  • कांच और रेनड्रॉप चूड़ियों का गढ़: देश में मिलने वाली 90% से ज्यादा फैंसी कांच और रेनड्रॉप चूड़ियां उत्तर प्रदेश के फिरोज़ाबाद (Firozabad) से बनकर आती हैं, जिसे ‘सुहागनगरी’ भी कहा जाता है। यहां की फैक्ट्रियों में कांच को पिघलाकर बेहद खूबसूरत आकारों में ढाला जाता है।
  • लाख की चूड़ियों की जन्मस्थली: लाख की असली और पारंपरिक चूड़ियां मुख्य रूप से राजस्थान के जयपुर और जोधपुर से बनकर पूरे देश के बाजारों में सप्लाई होती हैं। जयपुर का ‘मनिहारों का रास्ता’ लाख की कलात्मक चूड़ियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।[12]

4. क्या हैं बाजार में इनके रेट? (Price List)

चूड़ियों के दाम उनके डिजाइन, ब्रांड और काम की फिनिशिंग पर निर्भर करते हैं, लेकिन इस बार ये हर बजट में उपलब्ध हैं:

चूड़ी का प्रकारअनुमानित शुरुआती कीमत (होलसेल/रिटेल)
प्लेन रेनड्रॉप कांच की चूड़ियां₹90 से ₹250 प्रति दर्जन
फैंसी रेनड्रॉप कंगन सेट (विद घुंगरू/स्टोन)₹300 से ₹800 प्रति सेट
सिंपल प्लेन लाख की चूड़ियां₹120 से ₹300 प्रति सेट
हैवी जयपुरी कुंदन लाख कड़े₹400 से ₹1,500+ प्रति जोड़ी

तो इस करवा चौथ पर आप अपनी सिल्क साड़ी, लहंगे या अनारकली सूट के साथ इन खूबसूरत रेनड्रॉप या लाख की चूड़ियों के सेट को पेयर कर सकती हैं, जो आपको बिल्कुल परफेक्ट और ट्रेंडी देसी लुक देगा! [12]

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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