नई दिल्ली: वजन घटाने (Weight Loss) और रातों-रात मस्कुलर बॉडी बनाने की होड़ में आजकल युवा और मिडिल-एज के लोग एक खतरनाक जाल में फंस रहे हैं। बिना किसी डॉक्टरी सलाह या बिना ज़रूरत के अत्यधिक प्रोटीन पाउडर (Protein Powder), जरूरत से ज़्यादा पनीर और अंकुरित अनाज (Sprouts) का सेवन शरीर में फायदे की जगह गंभीर बीमारी को न्योता दे रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में यूरॉजिस्ट्स के पास 20 से 50 वर्ष की आयु के ऐसे मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, जो ‘प्रोटीन के चक्कर में’ किडनी की पथरी (Kidney Stones) का शिकार हो चुके हैं। [1234]

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया रील्स और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स की ‘देखा-देखी’ (Blind Following) में लोग अपनी डाइट को बिगाड़ रहे हैं, जो बाद में पेट और पीठ के असहनीय दर्द का कारण बन रही है। [1]


📊 आंकड़ों की नज़र से: क्यों है यह चिंता का विषय?

  • सबसे प्रभावित उम्र: 20 से 50 साल के कामकाजी लोग और जिम जाने वाले युवा इसके सबसे बड़े शिकार हैं। [1]
  • मार्केट का दबाव: वैश्विक प्रोटीन सप्लीमेंट मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है, और जिम जाने वाले करीब 40% लोग रोज़ाना सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं। [1]
  • अम्लता (Acid Load) में वृद्धि: मेडिकल रिसर्च (जैसे University of Chicago की स्टडी) के अनुसार, लगातार हाई-प्रोटीन और लो-कार्बोहाइड्रेट डाइट पर रहने से किडनी पर एसिड का लोड 90% तक बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर पथरी बनने की प्रक्रिया को तेज़ करता है। [12]

🔍 प्रोटीन के ओवरडोज़ से पथरी कैसे बनती है? (Science of Kidney Stones)

जब आप अपनी शारीरिक आवश्यकता से कहीं अधिक कंसंट्रेटेड प्रोटीन (जैसे व्हे प्रोटीन) या बहुत ज़्यादा मात्रा में पनीर और स्प्राउट्स एक साथ खाते हैं, तो किडनी पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ते हैं: [12]

  1. कैल्शियम का अधिक उत्सर्जन (Hypercalciuria): अत्यधिक प्रोटीन के पाचन से शरीर में एसिड बनता है। इस एसिड को न्यूट्रलाइज करने के लिए शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचता है, जिसे किडनी पेशाब के रास्ते बाहर निकालती है। पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से कैल्शियम ऑक्सलेट (Calcium Oxalate) की पथरी बनने लगती है। [1234]
  2. यूरिक एसिड का बढ़ना: हाई-प्रोटीन डाइट यूरिन में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा देती है, जिससे यूरिक एसिड स्टोन्स का निर्माण होता है। [12]
  3. साइट्रेट (Citrate) की कमी: साइट्रेट पेशाब में पथरी को बनने से रोकने वाला एक प्राकृतिक तत्व है। अत्यधिक प्रोटीन के सेवन से यूरिन में साइट्रेट का स्तर घट जाता है, जिससे पथरी का रास्ता साफ़ हो जाता है। [12]
  4. पानी की कमी (Dehydration): प्रोटीन को पचाने और उसके अपशिष्ट (Urea) को बाहर निकालने के लिए किडनी को बहुत अधिक पानी की ज़रूरत होती है। लोग प्रोटीन तो बढ़ा देते हैं, लेकिन पानी पर्याप्त नहीं पीते, जिससे यूरिन गाढ़ा हो जाता है और क्रिस्टल्स आपस में जुड़कर पथरी का रूप ले लेते हैं। [123]

⚠️ ‘देखा-देखी’ से बचें: पनीर और स्प्राउट्स भी सीमित रखें!

लोगों को लगता है कि पनीर और स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) तो प्राकृतिक हैं, तो इनका कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन डॉक्टर आगाह करते हैं कि “अति सर्वत्र वर्जयेत” (किसी भी चीज़ की अति बुरी है)। [1]

  • रोज़ाना किलो के भाव पनीर खाना या सुबह-शाम सिर्फ स्प्राउट्स पर निर्भर रहना भी किडनी को ओवरलोड करता है।
  • प्रोटीन पाउडर तो एक प्रोसेस्ड सप्लीमेंट है, जिसे बिना वर्कआउट की तीव्रता जाने चम्मच भर-भर के दूध या पानी में घोलकर पीना सीधे तौर पर अंगों से खिलवाड़ है। [12]

💡 लाइफस्टाइल कैसे सुधारें? (डॉक्टर्स की सटीक सलाह)

यदि आप वजन घटाना चाहते हैं या फिट रहना चाहते हैं, तो बिना अंधानुकरण किए इन नियमों का पालन करें:

  • प्रोटीन की मात्रा तय करें: एक सामान्य वयस्क को उसके शरीर के प्रति किलो वजन पर 0.8 ग्राम से 1 ग्राम प्रोटीन की ही आवश्यकता होती है (जैसे अगर वजन 60kg है, तो 48-60 ग्राम प्रोटीन काफी है)।
  • पानी को बनाएं सबसे बड़ा हथियार: अगर आप प्रोटीन इनटेक थोड़ा भी बढ़ा रहे हैं, तो दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी ज़रूर पिएं ताकि यूरिन का रंग हल्का पीला या साफ़ रहे।
  • डाइट में लाएं बैलेंस: प्रोटीन के साथ-साथ पोटैशियम और फाइबर युक्त चीज़ें जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, नींबू पानी और फल खाएं। ये शरीर में एसिड लोड को कम करते हैं और पथरी बनने से रोकते हैं।
  • मेडिकल चेकअप: कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करने से पहले एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और यूरिन टेस्टज़रूर करवाएं, ताकि पता चल सके कि आपकी किडनी इस लोड को सहने के लिए तैयार है या नहीं। [123456]

निष्कर्ष: फिटनेस शॉर्टकट में नहीं, अनुशासन में है। सोशल मीडिया के ‘ट्रेन्ड्स’ को देखकर अपनी थाली न बदलें। अपनी बॉडी टाइप के अनुसार किसी सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर से ही डाइट चार्ट बनवाएं।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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