नई दिल्ली / लेह:
देशभर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एक खट्टे-मीठे फल का नाम हर किसी की जुबान पर है—सी बकथॉर्न। लद्दाख और देश के ऊंचे हिमालयी बर्फानी इलाकों में उगने वाले इस छोटे से नारंगी रंग के फल को कल तक बहुत कम लोग जानते थे। लेकिन हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पीएम मोदी द्वारा इसके गुणों की तारीफ करने वाले वीडियो के वायरल होते ही, इसे खरीदने और इसके बारे में जानने की होड़ मच गई है। [1234]

💬 जब पीएम मोदी ने कहा—”यह दुनिया की बेस्ट बेरीज में से एक है”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक संबोधन में सी बकथॉर्न की उपयोगिता को देश के सामने रखा था। उन्होंने बताया था कि माइनस 40 डिग्री की जमा देने वाली ठंड से लेकर 40 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी को बर्दाश्त करने वाला यह पौधा भारत का एक अनमोल खजाना है। सैनिकों की कार्यक्षमता बढ़ाने से लेकर आम नागरिकों की सेहत सुधारने तक में इसकी बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री के इसी भरोसे के बाद देश के अलग-अलग वार्डों और सोसायटियों में लोग अब इसे अपना पसंदीदा ‘एनर्जी ड्रिंक’ और हेल्थ सप्लीमेंट बना रहे हैं। [123]

🔬 रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) भी कर चुका है मुहर

यह केवल कोई पारंपरिक मान्यता नहीं है, बल्कि देश की प्रतिष्ठित संस्था DRDO भी सियाचिन जैसे अत्यधिक ठंडे इलाकों में तैनात भारतीय जवानों की सेहत, स्टेमिना और ऑक्सीजन स्तर को बनाए रखने के लिए सी बकथॉर्न से बने उत्पादों की सिफारिश कर चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नासा (NASA) जैसी अंतरिक्ष एजेंसियां भी इसके अद्भुत पोषक तत्वों के कारण इसमें गहरी रुचि दिखा रही हैं। [1]

⚡ क्यों कहा जा रहा है इसे ‘आधुनिक संजीवनी’? (इसके बेमिसाल फायदे)

सी बकथॉर्न को न्यूट्रिशन का पावरहाउस माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें पाए जाने वाले तत्व किसी चमत्कार से कम नहीं हैं: [12]

  • विटामिन C का खजाना: इसमें संतरों और आंवलों के मुकाबले कई गुना ज्यादा विटामिन C होता है, जो मौसमी बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर की इम्यूनिटी को चट्टान जैसा मजबूत बनाता है। [12]
  • दुर्लभ ओमेगा फैटी एसिड्स: यह दुनिया के उन बेहद चुनिंदा पौधों में से है जिसमें ओमेगा-3, 6, 9 के साथ-साथ सबसे दुर्लभ ओमेगा-7 फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में मिलता है। [1]
  • दिल और ब्लड प्रेशर के लिए वरदान: इसमें मौजूद 90 से अधिक फ्लेवोनोइड्स कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और दिल की नसों को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। [12]
  • पेट और त्वचा की देखभाल: एसिडिटी, पेट के अल्सर और कब्ज जैसी समस्याओं में यह पाचन तंत्र को अंदरूनी राहत देता है। साथ ही, त्वचा के कटने-जलने या झुर्रियों को ठीक करने में भी इसका पल्प कारगर है। [12]

⚠️ क्या रखें सावधानी?

क्रेज के इस दौर में डॉक्टरों का कहना है कि सी बकथॉर्न बेशक बेहद फायदेमंद है, लेकिन यह कोई जादू की छड़ी या हर बीमारी का एकमात्र इलाज नहीं है। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं या जिन लोगों को ब्लीडिंग डिसऑर्डर (रक्तस्राव की समस्या) है, उन्हें बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए। [12]

निष्कर्ष: हिमालय की वादियों से निकलकर देश के हर वार्ड और घर तक पहुंच रहा सी बकथॉर्न आज के दौर में प्रकृति का एक बेहतरीन तोहफा साबित हो रहा है। यदि आप भी अपनी जीवनशैली में इसे शामिल करना चाहते हैं, तो बाजार में उपलब्ध इसके शुद्ध जूस या सप्लीमेंट्स को डॉक्टर की सलाह से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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