प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त 2026 के भाषण के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ (DNJP) नाम का एक डिजिटल आंदोलन तेजी से वायरल हो रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को आधार बनाकर इंस्टाग्राम, एक्स (X) और फेसबुक पर यह पेज बनाया गया है, जिसने महज 24 घंटों में 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। [1, 2, 3]
नीचे इस पूरे मामले की विस्तृत न्यूज़ रिपोर्ट दी गई है। [1]
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़:
15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जंगलों से हथियारबंद नक्सली तो खत्म हो रहे हैं, लेकिन शहरों और यूनिवर्सिटीज में बैठे ‘दिमागी नक्सली’ समाज में अराजकता फैलाने की ताक में हैं। पीएम ने देशवासियों से ऐसे लोगों को पहचानने और अलग-थलग करने की अपील की थी। [1, 2, 3]
डिजिटल आंदोलन में बदला शब्द
पीएम के इसी शब्द को हथियार बनाकर सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से हैंडल तैयार कर दिए। [1, 2]
- विचारधारा: यह पेज खुद को महान क्रांतिकारी भगत सिंह की विचारधारा से जोड़ता है।
- नारा: इस वर्चुअल पार्टी का मुख्य नारा है— “सोचो। रिसर्च करो। विरोध करो।”
- फॉलोअर्स की बाढ़: इंस्टाग्राम पर @dimaginaxalpartyy नाम के पेज की रफ्तार इतनी तेज है कि कुछ ही समय में इसके फॉलोअर्स का आंकड़ा 1.7 लाख से 2 लाख के पार पहुंच गया है। [1, 2, 3]
📊 कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसी लोकप्रियता
सोशल मीडिया विश्लेषक इसकी तुलना कुछ दिन पहले वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से कर रहे हैं। सीजेआई (CJI) की एक टिप्पणी के बाद बनी CJP ने महज 10 दिनों में 20 मिलियन (2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स बटोरे थे। ठीक उसी तर्ज पर अब दिमागी नक्सल पार्टी को ध्रुव राठी, कुणाल कामरा और श्याम मीरा सिंह जैसे बड़े सोशल मीडिया चेहरों का भी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इसे असल में किसने शुरू किया है, उसकी पहचान अभी गुप्त है। [1, 2, 3]
⚔️ राजनीतिक घमासान: बीजेपी बनाम विपक्ष
इस शब्द ने भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है:
- विपक्ष का पलटवार: कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें “दिमागी नक्सल होने पर गर्व है”。 आरजेडी (RJD) सांसद मनोज झा और टीएमसी (TMC) नेताओं ने भी इसे सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश बताया है। [1, 2]
- बीजेपी का रुख: बीजेपी और समर्थकों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था, लेकिन विपक्ष खुद आगे आकर इस टैग को अपना रहा है जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है。 [1, 2]
