Raipur} छत्तीसगढ़ में संतान के सुखी जीवन अउ दीर्घायु बर मनाए जाने वाला पारंपरिक तिहार कमरछठ (हलषष्ठी) ह 2 सितंबर 2026, बुधवा के दिन मनाए जाही। इहाँ बाजार मम् ललही छठ बर जोत-झाड़ी, पलाश शाखा, करमुआ साग, महुआ अउ तिनहीं (पसई) चावल के जोरदार तैयारी चलत हावय। भैंस के दूध अउ घी के मांग बढ़गे हे, जिकर भाव दूध ₹60-₹70 लीटर अउ घी ₹600-₹700 किलो तक रइहिपे।
बजार म तइयारी अउ पूजा सामग्री
- भाभा अउ साग-भाजी: बाजार म करमुआ (नारी) साग, पलाश अउ कांटादार झरबेरी के डारी के बंपर बिक्री होत हावय।
- तिनहीं चावल अउ महुआ: व्रत धइया माताओं बर खास पसई (तिनहीं) चावल अउ महुआ के पैकेट बाजार म सजगे हे।
- माटी के बर्तन: दीदी-बहिनी मन पूजा बर छोटे-छोटे माटी के कुल्हड़ अउ दीवा खरीदत हें।
दूध अउ घी के अनुमानित भाव
- भैंस के दूध: कमरछठ म गाय के दूध वर्जित होए से भैंस के दूध के मांग तेज हावय, भाव ₹60 से ₹70 प्रति लीटर तक मिलत हावय। [1]
- शुद्ध घी: भैंस के शुद्ध घी स्थानीय बाजार म गुणवत्ता के हिसाब से ₹600 से ₹700 प्रति किलो के आसपास रइहिपे।
