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- हर 12 साल में आकाशीय बिजली का गिरना: इस मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य यह है कि यहाँ हर 12 साल में शिवलिंग पर रहस्यमयी तरीके से आकाशीय बिजली गिरती है। [1]
- मक्खन से जुड़ता है शिवलिंग: बिजली गिरने के कारण गर्भगृह का विशाल शिवलिंग पूरी तरह खंडित (टुकड़े-टुकड़े) हो जाता है। इसके बाद मंदिर के पुजारी देव-परंपरा के अनुसार शिवलिंग के टुकड़ों को मक्खन (लड्डू) के लेप से दोबारा जोड़ते हैं, और कुछ ही दिनों में शिवलिंग फिर से ठोस रूप ले लेता है। [1, 2]
- भक्तों की रक्षा की मान्यता: पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव संसार और अपने भक्तों को भारी विनाश से बचाने के लिए आकाशीय बिजली के इस प्रचंड प्रहार को स्वयं अपने ऊपर धारण कर लेते हैं। [1]
