दुर्ग| छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित समोदा गांव में हाल ही में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जो न केवल अवैध निर्माण बल्कि एक बड़े अफीम तस्करी नेटवर्क से भी जुड़ी है। इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
- बुलडोजर कार्रवाई और अवैध कब्जा: दुर्ग जिला प्रशासन ने 10 मार्च 2026 को समोदा गांव में बुलडोजर चलाकर एक अवैध दुकान को जमींदोज कर दिया। यह दुकान ब्रजेश ताम्रकार की थी, जो कि हाल ही में अफीम की खेती के आरोप में पकड़े गए भाजपा किसान मोर्चा के (अब निलंबित) नेता विनायक ताम्रकार के भाई हैं। प्रशासन के अनुसार, यह दुकान पिछले 20 वर्षों से सरकारी जमीन (32 डिसमिल) पर अवैध रूप से बनी हुई थी।
- अफीम की विशाल खेती का खुलासा: इस कार्रवाई की जड़ें कुछ दिन पहले हुई एक छापेमारी में हैं, जहाँ पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने विनायक ताम्रकार के फार्महाउस पर दबिश दी थी। वहाँ लगभग 5 से 11 एकड़ के क्षेत्र में मक्के की आड़ में अफीम (पोस्ता) उगाई जा रही थी। जब्त की गई अफीम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹8 करोड़ के आसपास आंकी गई है।
