दुर्ग/भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय भाजपा नेता के फार्महाउस पर छापेमारी की, जहाँ बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी।
- अवैध खेती का खुलासा: आरोपी नेता के लगभग 5 एकड़ के फार्महाउस पर अफीम की फसल लहलहा रही थी। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम भी इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेती देखकर दंग रह गई। खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। भाजपा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी नेता की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी है और उसे पार्टी से सस्पेंड (निष्कासित) कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि “अपराध और नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है।”
- जांच का घेरा: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह अफीम कहाँ सप्लाई की जा रही थी और इस काले कारोबार में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
विनायक ताम्रकार के बारे में मुख्य जानकारी:
- पद: वह भाजपा किसान मोर्चा के ‘राइस मिल प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट’ के प्रदेश संयोजक (State Convener) के रूप में कार्यरत थे।
- कार्रवाई: पुलिस और प्रशासन द्वारा उनके Samoda village स्थित खेत में अवैध अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद, छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर उन्हें पार्टी से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
- पुलिस केस: दुर्ग पुलिस ने विनायक ताम्रकार और उनके दो साथियों (विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर) के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
- विवाद: इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी घटनास्थल का दौरा किया और आरोप लगाया कि यह अवैध खेती लगभग 10 एकड़ में फैली हुई थी और इसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है। jankari ke anusar ताम्रकार ने इन आरोपों को “राजनीतिक द्वेष” बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है|
