दुर्ग में मुख्य आयोजन (2026)

  • सरकारी अवकाश और सार्वजनिक उत्सव: छत्तीसगढ़ सरकार के कैलेंडर के अनुसार 26 मार्च 2026 को राम नवमी का सार्वजनिक अवकाश है, जिससे स्थानीय मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहने की उम्मीद है।
  • मंदिरों में जन्मोत्सव: दुर्ग के सिविल लाइन्स स्थित राम मंदिर और गया नगर के मंदिरों में दोपहर 11:13 AM से 01:41 PM के बीच मुख्य ‘जन्मोत्सव’ पूजा और आरती का आयोजन तय है। 

भिलाई में मुख्य आयोजन (2026)

  • श्रीराम जन्मोत्सव समिति (भिलाई): इस साल भिलाई में ‘श्रीराम चौक’ पर भव्य आयोजन की तैयारी है, जहाँ 1100 ध्वजवाहकों का सम्मान किया जाएगा।
  • एक मुट्ठी अनाज अभियान: भिलाई में एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत समाज को जोड़ने के लिए ‘एक मुट्ठी अनाज’ दान कार्यक्रम हो रहा है।
  • झाँकियों की तैयारी: भिलाई में हजारों की संख्या में ध्वज और श्रीराम जी की भव्य झाँकियाँ निकालने की तैयारी चल रही है।

  • 1. भिलाई की शोभा यात्रा (Bhilai Shobha Yatra)
  • भिलाई में ‘श्रीराम जन्मोत्सव समिति’ द्वारा आयोजित यात्रा सबसे बड़ी होती है:
  • प्रारंभिक समय: दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच।
    • यह यात्रा आमतौर पर सेक्टर-9 या हुडको क्षेत्र से शुरू होकर विभिन्न सेक्टरों (सेक्टर-6, सेक्टर-2) से गुजरती है।
    • इसका मुख्य केंद्र सेक्टर-1 का ‘श्रीराम चौक’ होता है, जहाँ भव्य स्वागत और आतिशबाजी होती है।
    • अंत में यह पावर हाउस चौक या रामलीला मैदान पर समाप्त होती है।
  • विशेष: इसमें 1000 से अधिक भगवा ध्वज और डीजे के साथ झांकियां शामिल रहती हैं।

  • 2. दुर्ग की शोभा यात्रा (Durg Shobha Yatra)
  • दुर्ग शहर की यात्रा अपनी पारंपरिक भव्यता के लिए जानी जाती है:
  • प्रारंभिक समय: शाम 4:00 बजे के आसपास।
  • मुख्य रूट:
    • यह अक्सर गंजपारा (राम मंदिर) या पचरी पारा क्षेत्र से शुरू होती है।
    • रूट: गंजपारा ➔ जवाहर चौक ➔ इंदीरा मार्केट ➔ स्टेशन रोड ➔ बस स्टैंड।
    • समापन: अक्सर यह राजेन्द्र पार्क या स्थानीय राम मंदिर में पूजा के साथ समाप्त होती है।
  • विशेष: दुर्ग की यात्रा में अखाड़ा प्रदर्शन (लाठी-डंडे का खेल) और पुरानी परंपराओं की झलक देखने को मिलती है।

  • यात्री और भक्तों के लिए सुझाव:
  • ट्रैफिक: शोभा यात्रा के कारण शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक पावर हाउस चौक (भिलाई) और दुर्ग बस स्टैंड/मार्केट एरिया में भारी ट्रैफिक रहता है, इसलिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
  • सुरक्षा: जिला प्रशासन और पुलिस बल इन रूट्स पर विशेष गश्त और सीसीटीवी से निगरानी रखते हैं।

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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