साबरकांठा। दूध के दाम बढ़ाने को लेकर गुजरात के किसानों द्वारा प्रदर्शन किया गया। हजारों किसानों ने अपनी गाड़ी से लाए दूध के डिब्बों से सारा दूध एक-एक कर सड़क उड़ेल दिया। इस आस-पास की पूरी सड़क पर दूध फैल गया। ये घटना 2 दिन पहले गुजरात के साबरकांठा के अरावली जिले की है, जहां दूध के दाम में विसंगति को लेकर किसान नाराज थी। दो दिन से चल रही नाराजगी आज रविवार को उग्र प्रदर्शन में बदल गई। साबर डेयरी के मुनाफे को लेकर किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हो गई। इस प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी जिसके बाद दूध व्यवसायियों का प्रदर्शन और उग्र हो गया। ज्ञात हो कि साबरकांठा देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक क्षेत्र है। यह प्रदर्शन लगातार जारी है। पुलिस द्वारा कार्रवाई में पूर्व विधायक और 1000 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।
पिछले साल, डेयरी ने 14 तालुकाओं के सदस्यों को 17 प्रतिशत लाभ पर 602 करोड़ रुपये वितरित किए थे। इस साल लंबित ऑडिट का हवाला देते हुए, भुगतान को घटाकर केवल 9.75 प्रतिशत पर 350 करोड़ रुपये कर दिया गया। 252 करोड़ रुपये के इस अंतर ने हजारों सहकारी सदस्यों में विवाद पैदा कर दिया।
आज रविवार को यह विरोध प्रदर्शन नियंत्रण से बाहर हो गया। हजारों डेयरी सदस्यों और पशुपालकों ने साबर डेयरी परिसर पर धावा बोल दिया।
हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने अंासूगैस के गोले छोड़। दूध व्यवसायियों ने दूध की आपूर्ति करने से इनकार कर दिया है। 1,800 दुग्ध समितियों ने इसका बहिष्कार किया है।
ज्ञात हो कि यहां कि सुरती जैसी प्रमुख भैंस नस्लें प्रति ब्यांत औसतन 1,600-1,800 लीटर दूध देती हैं।
