बाॅलीवुड। साउथ और बाॅलीवुड की फिल्मों में धमाल मचा चुकी तमन्ना भाटिया को आज भारत में सभी जानते हैं। उनकी सोशल मीडिया में फैन फाॅलोइंग भी 2 करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में तमन्ना की प्रसिद्धी को देखकर कर्नाटक सरकार को मैसूर सेंडल के लिए उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाना विवाद के घेरे में आ गया है।
तमन्ना भाटिया को 6.20 करोड़ के 2 साल से अधिक की अवधि में लिए कर्नाटक की प्रसिद्ध सरकारी साबुन कंपनी मैसूर सेंडल का ब्रांड एंबेसेडर बनाया गया है। इसे लेकर ही कर्नाटक की जनता इसका विरोध कर रही है। उनका मानना है कि इसके लिए किसी कन्नड़ ऐक्ट्रेस को लिया जाना था। अब कर्नाटक के उद्योग मंत्री एबी पाटिल को प्रेस वार्ता कर यह बताना पड़ा की रश्मिका मंदाना, पूजा हेगड़े जैसी अभिनेत्रियां बिजी हैं। दीपिका पादुकोण उनके बजट में नहीं है। सरकार चाहती है कि मैसूर सेंडल को केवल कर्नाटक नहीं, बल्कि पूरे देश भर में व्यापार मिले। इसलिए तमन्ना भाटिया की सोशल मीडिया में 2करोड़ 80 लाख की फैन फाॅलोइंग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मैसूर सैंडल की स्थापना 1916 में मैसूर के कृष्ण राजा वाडियार चतुर्थ ने एक सरकारी कंपनी के रूप में की थी। मैसूर सैंडल सोप, कर्नाटक साबुन और डिटर्जेंट लिमिटेड (केएसडीएल) द्वारा निर्मित साबुन का एक ब्रांड है, जो भारत में कर्नाटक सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है|
