नई दिल्ली ( एजेंसी)। पीएम आवास में मोदी कैबिनेट की बैठक चल रही है। मीटिंग में किसानों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस बैठक में सरकार 2025-26 सीजन के लिए (रॉ जूट) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले बैठक में किसानों को बड़ी राहत देते हुए डीएपी में सब्सिडी देने का ऐलान किया था।

बीतें एक जनवरी को मोदी कैबिनेट ने किसानों को 50 किलो DAP उर्वरक का बैग 1350 रुपये में देने का फैसला लिया था यानी सरकार ने डीएपी पर 3850 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला लिया था। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने को मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने को मंजूरी भी दी थी। केंद्र सरकार ने इसके लिए कुल 69515.71 करोड़ रुपये का बजट दिया था। केंद्र सरकार ने इससे पहले 6 रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मंजूरी दी थी। इन फसलों में गेहूं, चना, मसूर, सरसों और सनफ्लॉवर सीड्स शामिल हैं। मोदी सरकार ने गेहूं में 150 रुपये एमएसपी बढ़ाते हुए 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों की कीमत में 300 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा कर 5,950 रुपये प्रति क्विंटल किया था।

बता दें कि MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह राशि है, जिस पर फसलों की सरकारी खरीद होती है| सरकार इस कीमत पर किसानों से उत्पाद खरीदती है| भले ही बाजार में इनकी कीमत कम या ज्यादा हो| एमएसपी का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित करना है| खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार बड़ी मात्रा में किसानों से उत्पाद खरीदती है|

By Pooja Patel

प्रोड्यूसर एंड सब एडिटर डेली हिन्दी मिलाप हैदराबाद, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, भास्कर भूमि, राजस्थान पत्रिका में 14 वर्ष का कार्यानुभव

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