बालोद। छत्तीसगढ़ में एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। मामला बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज हुआ था। एक महिला आरक्षक ने आरोप लगाया है कि दिलीप उइके ने शादी का झांसा देकर वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए, जबरन गर्भपात कराया और आर्थिक शोषण किया।
महिला ने मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में शिकायत भेजी है। इसमें यह भी आरोप है कि बीजापुर जिला प्रशासन ने उन्हें संरक्षण दिया और नियमों के विपरीत कुछ दस्तावेज जारी किए। शिकायत के अनुसार, दोनों की पहचान 2017 में डौंडी आईटीआई के दौरान हुई थी। आरोप है कि शादी का वादा कर संबंध बनाए गए। पहली बार गर्भवती होने पर पढ़ाई और नौकरी का हवाला देकर गर्भपात कराया गया।महिला का कहना है कि नौकरी लगने के बाद भी शादी टाली जाती रही। उसने हर महीने पैसे ट्रांसफर किए और बाद में बैंक से लोन लेकर करीब 3 लाख 30 हजार रुपये भी दिए।
जनवरी 2025 में वह बीजापुर स्थित सरकारी आवास में भी रही, जहां दोबारा गर्भवती होने पर जबरन दवा देकर गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है। कार खरीद और बाद में उसे अपने नाम करने को लेकर भी शिकायत में उल्लेख है। महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर को निलंबित कर दिया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है।
