नई दिल्ली (एजेंसी)| प्रयागराज के महाकुंभ में चर्चा का विषय बनी मॉडल और एंकर हर्षा रिछारिया को लेकर विवाद शुरू हो गया है| विवाद हर्षा को महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में शामिल कराने और महामंडलेश्वर के शाही रथ पर बिठाए जाने को लेकर हुआ है| यह बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बिल्कुल भी रास न आई| उन्होंने कहा, महाकुंभ में इस तरह की परंपरा शुरू करना पूरी तरह गलत है| यह विकृत मानसिकता का नतीजा है| महाकुंभ में चेहरे की सुंदरता नहीं, बल्कि हृदय की सुंदरता देख जाना चाहिए था|
उन्होंने कहा कि जो अभी यह नहीं तय कर पाया है कि संन्यास की दीक्षा लेनी है या शादी करनी है, उसे संत महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं है| श्रद्धालु के तौर पर शामिल होती तब भी ठीक था, लेकिन भगवा कपड़े में शाही रथ पर बैठाना पूरी तरह गलत है| शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन के प्रति समर्पण होना जरूरी होता है| महाकुंभ में चेहरे की खूबसूरती नहीं, बल्कि मन की खूबसूरती देखी जानी चाहिए थी| जिस तरह पुलिस की वर्दी सिर्फ पुलिस में भर्ती लोगों को मिलती है, इस तरह भगवा वस्त्र सिर्फ सन्यासियो को ही पहनने की अनुमति होती है|
हर्षा रिछारिया निरंजनी अखाडे़ के महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज की शिष्या हैं और मूल रूप से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की रहने वाली है| साध्वी होने के साथ ही हर्षा एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं| उनके वायरल वीडियो और तस्वीरों को देखकर उनके फैंस उन्हें महाकुंभ 2025 फेम का खिताब दे रहे हैं| हर्षा रिछारिया रातोंरात इसलिए फेमस नहीं हुईं कि वे एक साध्वी हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर उनके वायरल होने और फॉलोअर्स बढ़ने का बड़ा कारण है उनकी खूबसूरती| हर्षा रिछारिया को महाकुंभ 2025 में आने वाली सबसे खूबसूरत साध्वी कहा जा रहा है|
3 लाख 33 हजार फॉलोअर्स बढ़े
सोशल मीडिया पर 13 जनवरी को उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 667K फॉलोअर्स थे, वहीं एक दिन में 14 जनवरी को उनके फॉलोअर्स की संख्या अचानक बढ़ गई और उनके फॉलोअर्स 1 मिलियन तक पहुंच गए| यानी एक दिन में हर्षा के 3 लाख 33 हजार फॉलोअर्स बढ़े हैं|
हिंदूवाद पर धमकी भी मिल चुकी है
साध्वी के रूप में वायरल होने के बाद हर्षा रिछारिया की पुरानी तस्वीरें और वीडियो भी लोग शेयर कर रहे हैं| इन सभी में वे किसी में एंकरिंग करती नजर आ रही हैं, तो किसी भक्ति एल्बम में अभिनय और इंस्टाग्राम पर कंटेंट बनाती भी दिख रही हैं| उनके इंस्टाग्राम बायो में उनके आध्यात्मिक संबंध और उत्तराखंड से जुड़ाव के बारे में भी बताया गया है| उनके ज्यादातर पोस्ट धार्मिक विषयों पर केंद्रित हैं| सोशल मीडिया पर वह हिंदूवादी बात करती नजर आती हैं जिसके चलते कई बार उन्हें धमकी भी मिल चुकी है|
सुकून की तलाश
साध्वी हर्षा रिछारिया कहती हैं कि दो साल पहले सुकून की तलाश में उनका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ा और उन्हें जो लाइफ में करना था वो सब छोड़कर उन्होंने साध्वी बनने का रास्ता चुना| वे एक एंकर रही हैं शो हॉस्ट करती थीं और ट्रेवलिंग पसंद थी इसलिए ट्रेवलिंग ब्लॉग बनाती थीं| ग्लैमरस लाइफ छोड़कर वे सुकून की दुनिया में खुश हैं|
