भिलाई # सीजी। खाद्य विभाग की शिकायत पर शासकीय उचित मूल्य दुकान में 1007.51 क्विंटल चावल की कमी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। जांच के दौरान ऑनलाइन स्टॉक एवं भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। दस्तावेजों का परीक्षण, साक्ष्य संकलन एवं कथनों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
जानकारी के अनुसार 22 जुलाई को कलेक्टर (खाद्य शाखा), जिला दुर्ग के आदेश के परिपालन में खाद्य निरीक्षक द्वारा थाना भिलाई नगर में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन के आधार पर शासकीय उचित मूल्य दुकान, सेक्टर-07 मार्केट, भिलाई (दुकान आईडी-431004118) के अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत एवं विक्रेता नमिता सिन्हा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई।प्राप्त शिकायत के आधार पर कलेक्टर, जिला दुर्ग के आदेशानुसार गठित जांच समिति द्वारा संबंधित उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकान के अभिलेखों, उपलब्ध स्टॉक एवं ऑनलाइन प्रदर्शित खाद्यान्न की मात्रा का भौतिक सत्यापन किया गया।जांच में वितरण पंजी, चावल उत्सव पंजी, बैठक पंजी एवं बारदाना पंजी उपलब्ध पाए गए, जबकि स्टॉक पंजी उपलब्ध नहीं थी। अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि स्टॉक पंजी विक्रेता के पास है।भौतिक सत्यापन एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड के मिलान में 1007.51 क्विंटल अरवा चावल की कमी पाई गई। जांच के समय दुकान में केवल 26.50 क्विंटल चावल उपलब्ध था, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 1034.01 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। अध्यक्ष से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया, किन्तु संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।
मौके पर पंचनामा तैयार कर कथन दर्ज किए गए।प्रारंभिक जांच में संबंधित संचालकों द्वारा छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 की कंडिका 5, 11, 12, 13, 14 एवं 15 तथा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाया गया, जो कंडिका 16 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय है।खाद्य विभाग की शिकायत पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 401/2026 अंतर्गत धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान दस्तावेजों के परीक्षण, साक्ष्य संकलन एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई उपरांत आरोपी संचालक/अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
